नई दिल्‍ली. देश में वेतनभोगी कर्मचरियों का पसंदीदा निवेश विकल्‍प एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड (EPF) होता है. इसमें किया गया निवेश टैक्स-फ्री (Tax Free Investment) होता है. इसमें आयकर कानून (IT Act) की धारा-80सी के तहत टैक्‍स डिडक्शन का फायदा (Tax Benefits) भी मिलता है. दरअसल, ज्‍यादातर कंपनियां आपकी सैलरी का एक हिस्सा काटकर आपके ईपीएफ खाते (EPF Account) में ट्रांसफर कर देती हैं. साथ ही कंपनियां भी उतना ही हिस्‍सा अपनी तरफ से इस अकाउंट में डालती हैं. हालांकि, ईपीएफ में निवेश की तय सीमा है. अगर आप ईपीएफ में योगदान बढ़ाना चाहते हैं तो वॉलेंटरी प्रॉविडेंट फंड (VPF) के जरिये ऐसा कर सकते हैं.