मुम्बई, 28 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में 18-44 साल के नागरिकों को मुफ्त टीका लगाने का फैसला किया है । हालांकि उनके एक मंत्री ने कहा कि टीके की पर्याप्त खुराकों की अनुपलब्धता के चलते एक मई से इस उम्र समूह का कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो पाएगा ।

ठाकरे ने यहां मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की।

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य सरकार इस उम्रवर्ग के 5.71 करोड़ लोगों को टीका लगाएगी और इस कदम से राज्य के खजाने पर 6500 करोड़ रूपये का बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि हालांक टीके की पर्याप्त खुराकों की अनुपलब्धता के चलते एक मई से यह टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो पाएगी लेकिन राज्य सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से अगले छह महीने में नागरिकों को टीका लगाने की योजना बनायी है।

टोपे ने यह भी कहा कि 18-44 साल के लोगों को सरकारी टीका केंद्रों पर मुफ्त टीका लगाया जाएगा लेकिन उन्हें निजी संस्थानों में भुगतान करना होगा।

एक अधिकारी के अनुसार ठाकरे ने कहा, ‘‘ राज्य भले ही वित्तीय समस्याओं से घिरा है लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी। इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक में 18 से 44 साल के लोगों को मुफ्तटीका लगाने का फैसला किया गया। ’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ टीकाकरण इस पर आधारित होगा कि (राज्य को) कितने टीके (खुराक) दिये जाते हैं। आगे का कार्यक्रम उसी के अनुसार घोषित किया जाएगा।’’

टोपे ने कहा कि इस उम्रवर्ग के लोगों को टीका लगवाने के वास्ते कोविन एप पर अपना पंजीकरण कराना चाहिए। उन्होंने टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम सभी जानने को इच्छुक हैं कि क्या एक मई से टीकाकरण शुरू होगा। जवाब है कि एक मई से टीकारकण शुरू नहीं होगा। कारण है कि (पर्याप्ट टीके) हमारे पास फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘.. हम मुफ्त टीका लगाने जा रहे हैं। लेकिन हमें (18-44 साल उम्र वर्ग) धैर्य एवं समझदारी से आगे बढ़ना होगा। कोविन एप का इस्तेमाल अनिवार्य है। आपको को पहले पंजीकरण एवं समय लेना होगा।’’

उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन वास्ते सूक्ष्म नियोजन करने के लिए समिति बनायी जाएगी लेकिन 18-44 साल के उम्रवर्ग के लोगों के लिए 45 से अधिक उम्र के लोगों से भिन्न केंद्र होंगे।

एक सवाल के जवाब में टोपे ने कहा कि राज्य सरकार के सामने फिलहाल कोविशील्ड और कोवैक्सीन निर्माताओं से टीके खरीदने के विकल्प हैं।

उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने महाराष्ट्र सरकार को सूचित किया कि वह 600 रूपये प्रति खुराक देगी एवं मई -जून में प्रति माह 10 लाख खुराक देगी। मंत्री के अनुसार उसके बाद कंपनी ने कहा कि वह प्रतिमाह 20 लाख खुराक देगी।

टोपे ने कहा कि दूसरी तरफ कोविशील्ड निर्माता ने मौखिक तौर पर सूचित किया कि वह प्रतिमाह एक करोड़ टीके दे सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ चूंकि हमें कम मात्रा में कोवैक्सीन मिल रही है इसलिए मुख्यमंत्री के स्तर पर रूसी टीके स्पुतनिक वी टीके (के इस्तेमाल) के बारे में चर्चा चल रही है। स्पुतनिक वी टीका यदि हमें उपयुक्त दाम एवं सही मात्रा में में दिया जाता है तो उस विकल्प पर विचार किया जाएगा।’’

टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र को अगस्त में जायडस कैडिला, जॉनसन एंड जॉनसन जैसे विनिर्माताओं से टीके मिल सकते हैं।

मंत्री ने नितिन गडकरी, देवेंद्र फड़णवीस और प्रवीण डारेकर जैसे महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं से अहम दवा रेमडेसिविर, ऑक्सजन एवं टीके की आपूर्ति जैसे अहम मुद्दों के समाधान के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क करने की अपील की।