ऐसा कहा जाता है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती, शिक्षा कभी भी और किसी भी उम्र में पूरी की जा सकती है. इस बात को महाराष्ट्र की एक महिला ने सच कर दिखाया है. 36 साल की महिला अपने 16 साल के बेटे के साथ 10वीं बोर्ड की परीक्षा में उत्तीर्ण हुई है.

बेटे को मां से ज्यादा अंक

महाराष्ट्र में पुणे जिले के बारामती शहर की निवासी बेबी गुराव ने अपने बेटे के साथ बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण की है. राज्य में माध्यमिक बोर्ड की परीक्षा के नतीजे 29 जुलाई को घोषित किए गए थे जिसमें 36 वर्षीय बेबी ने 64.4 प्रतिशत और उनके 16 वर्षीय बेटे सदानंद ने 73.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए.

कम आयु में शादी होने से अधूरी रह गई शिक्षा

कपड़े का निर्माण करने वाली कंपनी में काम करने वाली बेबी ने कहा, “कम आयु में विवाह होने के कारण मेरी स्कूली शिक्षा अधूरी रह गई थी. लेकिन मेरे पति ने मुझे बेटे के साथ परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया.” पति प्रदीप गुराव और बेटे ने पढ़ाई में बेबी की मदद की.

पेशे से पत्रकार प्रदीप ने कहा, “मेरी पत्नी और बेटे ने मेहनत से पढ़ाई की और अच्छे अंक प्राप्त किए. मैं दोनों के प्रदर्शन से खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं.”

आत्मविश्वास से परिपूर्ण बेबी ने अब कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने का लक्ष्य स्थापित किया है.