पाकिस्तानी सैनिकों ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा से लगते कई सेक्टरों में बिना उकसावे के गोलाबारी की जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ. सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.

जम्मू- कश्मीर के गुरेज और उरी सेक्टरों के बीच नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान ने कई बार संघर्ष विराम उल्लंघन किया जिसमें पांच सुरक्षाकर्मियों समेत 11 लोग मारे गये. भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी सेना के ढांचों को बड़ा नुकसान पहुंचाया.

पाकिस्तान की गोलाबारी से सेना के चार कर्मी और सीमा सुरक्षाबल का एक जवान शहीद हो गया तथा छह नागरिकों की जान चली गयी.

बीएसएफ के महानिरीक्षक (कश्मीर) राजेश मिश्रा ने कहा, ‘‘ पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के भारी गोलाबारी की लेकिन सेना एवं बीएसएफ ने बहादुरी से उनका मुकाबला किया एवं उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया. पाकिस्तान की कई सुरक्षा चौकियां ध्वस्त कर दी गयीं.’’

वह बीएसएफ के उपनिरीक्षक राकेश डोभाल के श्रद्धांजलि कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे. डोभाल पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हो गये थे.

मिश्रा ने कहा कि पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण भारतीय क्षेत्र में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि गोलाबारी में घायल होने के बाद भी डोभाल ने डटकर मुकाबला किया और वह सबसे बड़ी श्रद्धांजलि के हकदार हैं.

उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्र में घुसने के लिए नियंत्रण रेखा के पार करीब 250-300 आतंकवादी तैयार थे.

उन्होंने कहा, ‘‘ बीएसएफ समेत सुरक्षा बल उनकी मंशा नाकाम करने में सफल रहे हैं और हम ऐसा करते रहेंगे.’’

बीएसएफ के अधिकारी ने कहा कि मानवाधिकार संगठनों को पाकिस्तान की भारी गोलाबारी में नागरिकों की हुई मौतों और आम लोगों की संपत्तियों को हुए नुकसान का संज्ञान लेना चाहिए.