मध्य प्रदेश में 24 घंटे से जारी बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. भोपाल, होशंगाबाद तथा जबलपुर संभाग में निरंतर अतिवर्षा जारी है तथा अगले 48 घंटों में भी वर्षा की संभावना है. साथ ही सागर तथा उज्जैन संभाग भी वर्षा से प्रभावित हैं. वहीं ग्वालियर संभाग भी इससे प्रभावित होगा.

सेना के 5 हेलीकॉप्टर ने होशंगाबाद में किया रेसक्यू

प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब स्थिति होशंगाबाद जिले की है. यहां बीते 24 घंटे में 340.4 मिमी बारिश हो चुकी है. ऐसे में नर्मदा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है. जिले में लगातार भारी बारिश और तवा, बारना, बरगी बांध से पानी छोड़े जाने से नर्मदा नदी में बाढ़ की स्थिति बन रही है. प्रदेश में बाढ़ से निपटने के लिए सेना के पांच हैलीकॉप्टर बुलाए गए हैं.

प्रदेश में बाढ़ से निपटने के लिए सेना के पांच हैलीकॉप्टर बुलाए गए हैं.

सीएम ने पीएम से मांगी मदद, किया हवाई निरीक्षण  

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश में बाढ़ के हालात के बारे में जानकारी दी. शिवराज ने सुबह प्रेसवार्ता में मीडिया को जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के 411 गांवों के करीब 9 हजार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. कुछ जगहों पर बचाव और राहत कार्य जारी है. सीएम ने बताया कि राहत और बचाव कार्य में तेजी आने के लिए प्रधानमंत्री से सेना के 5 हेलीकॉप्टर मांगे. इसमें से 3 टेकऑफ कर चुके हैं. 2 और की तैयारी है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुछ ही देर पहले देवास जिले के नेमावर, हरदा, होशंगाबाद, सीहोर, रायसेन और विदिशा जिले के बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से निरीक्षण किया. सीएम ने सभी संभाग के अधिकारियों एवं जिले के कलेक्टर को 48 घंटे अर्लट रहने के निर्देष दिये है.

सेना ने संभाला मोर्चा. 

रायसेन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना ने मोर्चा संभाला रखा है. बाड़ी तहसील के ग्राम भौती में 17 लोगों को एअरलिफ्ट किया गया है.

वहीं सीएम के गृह जिले बुदनी के सोमलवाड़ा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना द्वारा राहत व बचाव कार्य चलाया जा रहा हैं. यहां एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से कई प्रभावितों को सुरक्षित निकाला गया है.

प्रदेश के अधिकांश बाधों ने लांघी सीमा

प्रदेश के सभी बांध लगभग भर गए हैं. तवा डेम के 13 में 13 गेट खोले गए हैं, इंदिरा सागर बांध के 22 गेट, ओंकारेश्वर में 23 में से 21 गेट, राजघाट बांध पर 18 में से 14 गेट, बरगी बांध 21 में से 17 गेट खोले गए हैं. सरदार सरोवर बांध भी हाई लेवल से 7 मीटर नीचे है. मण्डला तथा पेंच बांध के भी गेट खोले गए हैं. जबलपुर संभाग में छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर में सबसे अधिक बारिश हुई है. छिंदवाड़ा के बेलखेड़ा में 150 लोगों को सुरक्षित केम्प में पहुंचाया गया. यहां बाढ़ में फंसे मधु कहार को सुरक्षित निकाला गया. नर्मदा नदी की सहायक नदियों से आ रहे पानी के कारण जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. इन्दौर संभाग में सर्वाधिक वर्षा खण्डवा में दर्ज की गई है. सागर संभाग के दमोह, छतरपुर, निवाड़ी भी अतिवर्षा से प्रभावित हैं तथा राहतगढ़ में कुछ परिवारों को कैम्प पहुँचाया गया है.

प्रदेश के सभी बांध लगभग भर गए हैं.

प्रदेश के इन जिलों में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश

— होशंगाबाद शहर में 340.4 मिमी हो चुकी है. यहां डोलरिया में 120 मिमी, इटारसी में 107.4 मिमी, पिपरिया में 105.8 मिमी, सोहागपुर में 103.4 मिमी बारिश हुई.

— भोपाल के बैरागढ़ में 112 मिमी, भोपाल शहर में 93.1 मिमी, कोलार में 69.8 मिमी, नवीबाग में 62.8 मिमी, बैरसिया में 55.1 मिमी.

— रायसेन के सुल्तानपुर में 103 मिमी, बाड़ी में 85 मिमी.

— विदिशा के ग्यारसपुर में 102 मिमी, लटेरी में 86 मिमी.

— इंदौर के देपालपुर में 167.7 मिमी, सांवेर में 104.4 मिमी, गौतमपुरा में 87.5 मिमी.

— सीहोर के बुधनी में 276 मिमी, इछावर में 267 मिमी, रेहटी में 266 मिमी, जावर में 228 मिमी, नसरुल्लागंज में 215 मिमी, आष्टा शहर में 202 मिमी, श्यामपुर में 142 मिमी.

— उज्जैन के महिदपुर में 257 मिमी, घट्टिया में 253 मिमी, तराना में 190 मिमी, नागदा में 140 मिमी, खाचरौद में 132 मिमी.

— देवास के सोनकच्छ में 208 मिमी, खातेगांव में 197 मिमी, हटपीपल्या में 192 मिमी, टोंकखुर्द में 186 मिमी, कन्नौद में 171 मिमी.

— रतलाम के पिपलौदा में 204 मिमी, सैलाना में 203 मिमी.