दुनियाभर में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिन्होंने चोटिल हो जाने या लय टूट जाने के बाद दोबारा वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है. NBA स्टार माइकल जॉर्डन को ही ले लीजिए. शिकागो बुल्स के लिए खेलते हुए लगातार तीन साल NBA चैंपियनशिप जीतने के बाद जॉर्डन ने पिता के गुजर जाने के दुख में बास्केटबॉल से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी. और फिर उन्होंने अपने बचपन के पसंदीदा खेल बेसबॉल को चुना. दो साल बेसबॉल खेलने के बाद जॉर्डन ने NBA में वापसी की और शिकागो बुल्स के लिए खेलते हुए फिर से लगातार तीन साल NBA चैंपियनशिप जीती. ऐसे ही खेल जगत में कई और उदाहरण भी हैं. आइए एक नजर डालते हैं खेल जगत की ऐसी ही शानदार वापसियों पर-

1. मारिया शारापोवा:

महिला टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा अपने करियर के टॉप पर थीं जब उनके कंधे में चोट लगी. 2008 में वह वर्ल्ड नंबर-1 थीं और सभी तरह के कोर्ट पर दूसरे खिलाड़ियों पर हावी थीं. पर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और कंधे की सर्जरी ने उनको एक साल के करीब कोर्ट से दूर रखा.

लेकिन, उन्होंने जल्द ही वापसी की और दिखाया कि उनका करियर अभी ख़त्म नहीं हुआ है. फ्रेंच ओपन 2012 की विजेता बनकर उनका चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीतने का सपना पूरा हुआ. हालांकि, सर्जरी के कारण उनके खेलने के तरीके में बदलाव आया और अब उनकी डबल्स गेम में गलतियां ज्यादा होती थीं. पर उन्होंने मेहनत और जीतने की इच्छा के साथ मैदान पर एक बार फिर धमाल मचाया. फरवरी 2020 में शारापोवा ने रिटायरमेंट ले लिया.

2. युवराज सिंह:

2011 में भारतीय क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप विजेता बनी थी. इस जीत के हीरो युवराज सिंह अभी इस कामयाबी को पूरी तरह से जी भी नहीं पाए थे कि मालूम चला कि उनके बाएं फेफड़े में कैंसर है. अमेरिका में उनका इलाज चला और कीमोथेरेपी ख़त्म होने पर उन्हें मार्च 2012 में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. वह अप्रैल में भारत लौट आए.

लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए थे कि यह उनके करियर का ‘दि एन्ड’ है. पर युवराज ने चुनौती को स्वीकारा और उसी साल सितम्बर में टी20 मुकाबले से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की. इसके बाद उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप भी खेला. हालांकि वह वर्ल्ड कप 2015 के लिए टीम में जगह बनाने में नाकामयाब रहे. आईपीएल 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स ने उनको खरीदने के लिए 16 करोड़ रुपए खर्च किये. इस रिकॉर्ड कीमत पर युवराज खरे नहीं उतरे. युवराज ने वर्ल्ड कप टीम में नहीं चुने जाने के बाद जून 2019 में रिटायरमेंट की घोषणा कर दी.

3. सचिन तेंदुलकर:

क्रिकेट जगत में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का करियर समय से पहले ही ख़त्म होने को था.

2004 में सचिन को कोहनी के निचले हिस्से में ऐसी चोट आई कि वह बल्ला भी नहीं पकड़ पाते थे. इस चोट ने उन्हें 7 महीने के लिए क्रिकेट से दूर कर दिया था. यह तेंदुलकर के करियर का अंत हो सकता था पर उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार कमबैक किया.

सचिन ने इसके बाद मैदान में वापसी कर कई शतक जड़े, सैकड़ों रन बनाए और 2011 वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी पूरा किया.

4. राफेल नडाल:

19 बार ग्रैंड स्लैम जीतने वाले राफेल नडाल का चोटों से लम्बा नाता रहा है. पर विम्बलडन 2012 में लगी टखने में चोट ने उनको एक साल के लिए कोर्ट से दूर कर दिया. इस दौरान वह कई सर्जरी से गुजरे और उभरने के लिए उन्होंने प्रयास जारी रखे.

2013 में उन्होंने कोर्ट पर वापसी करते हुए फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन पर कब्ज़ा जमाया. साथ ही 2013 में वह नंबर-1 रैंकिंग पर भी पहुंचे. नडाल 2007 और 2009 में भी चोटिल हुए. उनको खेल जगत का ‘कमबैक किंग’ भी कहा जा सकता है.

5. लांस आर्मस्ट्रांग:

आर्मस्ट्रांग को डोपिंग विवाद से पहले दुनिया का सर्वश्रेष्ठ साइकिलिस्ट माना जाता था. उन्होंने लगातार 7 बार ‘टूर डे फ्रांस’ साइकिल प्रतियोगिता जीती है.

1996 में मालूम चला कि उनको टेस्टिकल कैंसर है जोकि दिमाग, लंग्स और आंतों तक फ़ैल चुका था. उनका इलाज सफल रहा और वह जल्द ही साइकिलिंग की दुनिया में लौटे. इसके बाद ही उन्होंने लगातार 6 बार ‘टूर डे फ्रांस’ जीतने का कारनामा किया. 1999 से लेकर 2005 तक की सफलता के बाद उन्होंने संन्यास ले लिया. पर वह 2009 में एक बार फिर प्रतिस्पर्धी साइकिलिंग करने लौटे. इस साल ‘टूर डे फ्रांस’ में वह तीसरे नंबर पर रहे. 2010 टूर डे फ्रांस में ख़राब प्रदर्शन के बाद उन्होंने एक बार फिर संन्यास की घोषणा कर दी.