महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर बने एक कार्टून को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर साझा करने के लिए नौसेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी से मारपीट करने के मामले में शनिवार को शिवसेना के छह कथित कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी गई. वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने आरोपियों को जमानत देने पर कहा, प्रायोजित आतंक जैसी अवस्था महाराष्ट्र में तैयार हो रही है.

फडणवीस ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, 'ये एक प्रकार से राज्य प्रायोजित आतंक जैसी अवस्था महाराष्ट्र में तैयार हो रही है. नेवी ऑफिसर को इस प्रकार से मारना, उसमें भी जब मीडिया का दबाव बना और हम लोगों ने दबाव बनाया 6 लोगों को गिरफ्तार किया. लेकिन 10 मिनट में उनको छोड़ दिया, जिस प्रकार का वातावरण तैयार हो रहा है ऐसा तो महाराष्ट्र में इससे पहले हमने कभी नहीं देखा.'

बताया जा रहा है कि किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार करते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) विश्वास नांगरे पाटिल ने कहा कि कोविड-19 स्थिति के मद्देनजर आरोपियों को जमानत दी गई है.

सेवानिवृत्त अधिकारी मदन शर्मा (62) पर शुक्रवार को हुए हमले की एक वीडियो भाजपा के स्थानीय विधायक अतुल भातखलकर ने ट्विटर पर पोस्ट की थी जिसके बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था. कांदिवली पुलिस थाने में शिवसेना के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की गई है.

राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर, भातखलकर और पीड़ित परिवार के सदस्यों ने कांदिवली में एसीपी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 326, 452 और 450 के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किये जाने की मांग की. ये गैर जमानती धाराएं है.

पाटिल ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 325 के तहत मामला दर्ज किया गया है जो जमानती अपराध है.

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘आईपीसी की धारा 325 के तहत कल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था. कोविड-19 स्थिति के मद्देनजर उन्हें जमानत दे दी गई. कोई राजनीतिक दबाव नहीं था. मुझे नहीं लगता कि धारा 326 को लगाया जा सकता है क्योंकि इस धारा को धारदार हथियारों के इस्तेमाल के लिए लगाया जाता है.’’

(इनपुट पीटीआई से भी)