गुवाहाटी/ नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) असम और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य राज्यों में बुधवार को एक के बाद एक कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए जिससे इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा और लोग घबरा कर अपने घरों से बाहर निकल आए।

अधिकारियों ने बताया कि तीन लोग घायल हो गए लेकिन किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है। असम के सोनितपुर जिला के मुख्यालय तेजपुर में सुबह सात बजकर 51 मिनट पर 6.4 तीव्रता का पहला भूकंप आया।

भूकंप के झटके पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र और पश्चिम बंगाल, भूटान और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी दर्ज किए गए।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के उपनिदेशक संजय ओ’नील शॉ ने बताया कि इसके बाद सुबह आठ बजकर तीन मिनट, आठ बजकर 13 मिनट, आठ बजकर 25 मिनट, आठ बजकर 44 मिनट पर 4.7, 4 और दो बार 3.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए।

राज्य के नगांव जिले में दस बजकर पांच मिनट पर 3.2 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया। इसके कुछ देर बाद 10 बजकर 39 मिनट पर तेजपुर में 3.4 तीव्रता के भूकंप का एक और झटका महसूस किया गया।

दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर मोरीगांव में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘भूकंप में तीन लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है। हम विभिन्न जिलों से सूचनाएं जुटा रहे हैं और नुकसान का आकलन कर रहे हैं।’’

लोग महामारी के बढ़ते मामलों के बीच सामाजिक दूरी और अन्य कोविड दिशा निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए अपने घर से बाहर निकल पड़े। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन घबराहट की वजह से घर से बाहर निकलकर भागने के दौरान कई लोगों को मामूली चोटें आयी हैं।

असम में मुख्यत: तेजपुर के मध्य और पश्चिमी शहरों, नगांव, गुवाहाटी, मंगलदोई, ढेकियाजुली और मोरीगांव में इमारतों तथा अन्य ढांचों को व्यापक नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।

सूत्रों ने बताया कि गुवाहाटी में ‘जनता भवन’ परिसर में मुख्यमंत्री के ब्लॉक, राज्य सचिवालय की इमारत को नुकसान पहुंचा है।

गुवाहाटी में लग्जरी ताज विवांता होटल में भी काफी नुकसान हुआ है। होटल की प्रवक्ता इंद्राणी फुकन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि होटल की कांच की कई खिड़कियां टूट कर गिर पड़ीं तथा छत और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि गनीमत है कि किसी कर्मचारी या आगंतुक को चोटें नहीं आयीं।

दिसपुर हॉस्पिटल, अपोलो क्लीनिक, डाउन टाउन हॉस्पिटल और एक्सेलकेयर हॉस्पिटल जैसे स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में भी नुकसान हुआ।

नगांव में एक बहुमंजिला इमारत झुक गई जिससे लोगों के बीच घबराहट पैदा हो गई।

राज्य में कई मकानों, अपार्टमेंट इमारतों और शॉपिंग मॉल्स में भी दरारें आ गई। कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

ढेकियाजुली के विधायक अशोक सिंघल ने जमीन में दरारें पड़ने और उनमें से पानी निकलने की तस्वीरें ट्वीट की है। हालांकि अभी इनकी पुष्टि नहीं की जा सकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात की और भूकंप से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल जी से राज्य के कई हिस्सों में भूकंप के संबंध में बात की। केंद्र से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। मैं असम के लोगों के कुशल होने की प्रार्थना करता हूं।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम के भूकंप प्रभावित इलाकों में सबकी सुरक्षा की कामना करते हुए कहा कि सभी लोग इस मुश्किल घड़ी में असम की जनता के साथ खड़े हैं।

सोनोवाल ने हर किसी से सतर्क रहने का अनुरोध किया और कहा कि वह सभी जिलों से जानकारियां ले रहे हैं।

शिलांग में भूकंप के झटकों से लोग उठ खड़े हुए और डर से कई लोग अपने घरों से बाहर निकलने लगे।

एक अधिकारी ने बताया कि मेघालय में किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है। हालांकि भूकंप के ये झटके पिछले कुछ वर्षों में आए सबसे जबरदस्त झटकों में से एक हैं।

उन्होंने बताया कि इतनी तीव्रता के झटके आखिरी बार मार्च-अप्रैल 2016 में आए थे।

अधिकारियों ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में भी भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए। राज्य की राजधानी ईटानगर और पूर्वी केमेंग जिले में कुछ इमारतों में दरारें आ गई हैं।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और दार्जीलिंग जिले के कुछ हिस्सों में भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए लेकिन कोई बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत बड़े हिस्से में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। भूटान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।