11 सितंबर 2001 जिसे हम 9/11 के नाम से जानते हैं ये इतिहास के काले दिन के रूप में जानते हैं. इस दिन अमेरिका में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था. अलकायदा ने प्लेन हाइजैक कर अमेरिका स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर इमारत को धराशाही कर दिया था. इस हमले में करीब तीन हजार लोगों की मौत हो गई थी. उस वक्त अमेरिका के तत्कालिक राष्ट्रपति जॉर्ज बुश थे. इस हमले के पीछे दुनिया के खूंखार आतंकी अलकायदा चीफ ओसामा बिन लादेन का दिमाग बताया गया था. आज इस काले दिन के 20 साल पूरे हो गए हैं. लेकिन इस दिन की दहशत आज भी लोगों के जहन में इस तारीख को ताजा हो जाते हैं.

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9/11 हमले के बाद पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने ऐलान किया था कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा युद्ध अलकायदा से शुरू होता है. लेकिन ये तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक दुनिया से आतंकी खत्म नहीं किया जाता. लेकिन ये एक बड़ा सवाल है कि क्या अमेरिका अपने इस बयान को साबित कर पाया है. या अलकायदा को खत्म करने की मुहिम में दुनिया में अलकायदा जैसे कई संगठन खड़े हो गए.

अमेरिका ने आतंक के खिलाफ जिस युद्ध को छेड़ा था वह अफगानिस्तान से शुरू हुआ था. जहां वह तालिबान पर कहर बनकर टूटा. अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को उखाड़ फेका. इसके अलावा 9/11 के मास्टमाइंड ओसामा बिन लादेन को खत्म कर दिया. हालांकि, इसके बावजूद अमेरिका न अलकायदा खत्म कर पाया न ही वैश्विक रूप से बढ़ रहे आतंक को.

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अब अफगानिस्ता में एक बार फिर तालिबान की सरकार कायम हो गई है. वहीं, अमेरिका अफगानिस्तान से मुंह मोड़ लिया है. यह जानते हुए भी कि तालिबानी सरकार में अलकायदा का वर्चस्व है.

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद से अलकायदा जरूर टूटा था लेकिन 9/11 हमले के बाद आज 20 सालों में अलकायदा कभी मजबूत हुआ तो कभी कमजोर पड़ा है. हालांकि, उनके विचारधारों में किसी तरह की परिवर्तन नहीं आया है. वहीं, अमेरिका की नीति में बदलाव आया है. जिस अलकायदा को खत्म करने के लिए अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया था, आज वही अमेरिका अफगानिस्तान से भाग निकला है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 20 सालों में अलकायदा की कई नए धड़े सामने आए हैं. 2003 में जब अमेरिका ने इराक में हमला किया उसके बाद अबु मुसाब अल-जरकावी के नेतृत्व में वहां अलकायदा कहर बनकर टूटा. हालांकि 2006 की एयर स्ट्राइक में अमेरिका ने अबु मुसाब को मार गिराया. लेकिन अलकायदा अभी खत्म नहीं हुआ और अब अलकायदा इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक बन कर सबके सामने आया. बाद में यही इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक बना जिसने 2014 में इराक और सीरिया में अपने इस्लामिक स्टेट की घोषणा कर दी.

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इस्लामिक स्टेट को हराने के लिए अमेरिका, ईरान, इराक, कुर्दिश, शिया मिलिशिया, सीरिया और रूस ने एक साथ मिलकर उस पर हमला किया. लेकिन फिर भी उसे पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाए. इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट आज भी मजबूत है.