सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने देश भर में 16 जनवरी से शुरू हो रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए कोविशील्ड टीके की आपूर्ति को मंगलवार को ‘‘गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक’’ पल करार दिया.

इंस्टीट्यूट में कुछ पत्रकारों से बातचीत में पूनावाला ने कहा कि असली चुनौती टीके को ‘‘आम जनता, संवेदनशील समूहों और स्वास्थ्यकर्मियों तक पहुंचाना है.’’ गौरतलब है कि मंगलवार तड़के, पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से देश के विभिन्न भागों में कोविड-19 टीके की पहली खेप भेजी गई.

पूनावाला ने कहा, ‘‘हमारे ट्रक तड़के इंस्टीट्यूट से रवाना हुए और अब टीका पूरे देश में भेजा जा रहा है. यह गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक पल है क्योंकि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और इससे जुड़े तमाम लोगों ने एक साल से भी कम में टीका विकसित करने में बहुत मेहनत की है.’’

पूनावाला ने कहा कि इंस्टीट्यूट ने भारत सरकार को 200 रुपये की विशेष कीमत पर टीका दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘यह दुनिया के सबसे किफायती टीकों में से एक है और हम प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के दृष्टिकोण और देश की जनता का साथ देने के लिए भारत सरकार को विशेष कीमत पर इसे उपलब्ध करा रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट को आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद यह टीका बाजार में 1,000 रुपये की कीमत पर उपलब्ध होगा.

पूनावाला ने कहा कि इंस्टीट्यूट सिर्फ भारत को ही टीका मुहैया नहीं करा रहा है बल्कि ‘‘उन देशों को भी देगा जो इसके लिए भारत से मदद चाहते हैं.’’

कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटिश-स्वीडिशन कंपनी एस्ट्राजेनेका ने मिलकर विकसित किया है और इसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है.