बंगाल के कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के पास यहां पिछड़े समुदाय के लोगों के घरों में खाना खाने का समय है लेकिन उत्तर प्रदेश अथवा अन्य भाजपा शासित राज्यों में दलितों पर हुए हमले के पीड़ितों के घर जाने के लिए क्षण भर का भी समय नहीं है.

चौधरी ने यहां कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली थी और वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने शाह के बृहस्पतिवार और शनिवार को क्रमश: बांकुड़ा में आदिवासी व्यक्ति के घर और उत्तरी 24 परगना जिले में मतुआ समुदाय के एक व्यक्ति के घर जाने और खाना खाने का जिक्र किया.

बांकुड़ा में आदिवासी और पिछड़ी जातियों की संख्या अधिक है और यह राज्य के वैसे जिलों में से एक है, जहां भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी पैठ बनाने में कामयाब रही थी. वहीं मतुआ एक ऐसा समुदाय है जो पहले बांग्लादेश में थे और उन्होंने यहां शरण ली थी. उन्होंने कहा, ‘‘ गृह मंत्री पिछड़ी जातियों के लोगों के घर हमेशा जा सकते हैं. लेकिन क्या वे हाथरस की दलित युवती के घर गए? क्या वे अन्य दलितों के घर गए?’’

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय एक दलित युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. रैली में चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में 'आतंक' का माहौल है और वे दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को छीन रहे हैं.