कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने किसान संगठनों के नेताओं से सरकार द्वारा दिये गये प्रस्तावों पर विचार करने का गुरुवार को एक बार फिर आग्रह किया और कहा कि सरकार उनके साथ आगे और बातचीत करने के लिए तैयार है. किसानों ने एक दिन पहले ही सरकार की पेशकश को ठुकरा दिया.

सरकार ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बनाये रखने के बारे में लिखित आश्वासन देने और नये कृषि कानूनों के कुछ प्रावधानों में संशोधन की पेशकश की है. तोमर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘नये कृषि कानूनों में किसानों को जहां कहीं भी कोई आपत्ति है, हम खुले दिमाग से उस पर विचार करने के लिये तैयार है. हम किसानों की सभी शंकाओं को दूर करना चाहते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम किसान नेताओं से सुझाव मिलने की प्रतीक्षा करते रहे ताकि उनकी चिंताओं का समाधान किया जा सके लेकिन वह कृषि कानूनों को वापस लेने पर अड़े हैं.’’

पिछले करीब दो सप्ताह से किसानों का नये कृषि कानूनों को लेकर विरोध जारी है. किसान राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. वह तीन नये कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग कर रहे हैं.

तोमर ने कहा कि सरकार किसानों के साथ बातचीत के लिये हर समय तैयार है और आगे भी तैयार रहेगी. उन्होंने कहा, ‘‘ठंड के इस मौसम में कोविड- 19 महामारी के बीच किसान प्रदर्शन कर रहे हैं इसको लेकर हम चिंतित हैं. किसान संगठनों को सरकार के प्रस्तावों पर जल्द से जल्द विचार कर लेना चाहिये जिसके बाद यदि जरूरत पड़ती है तो हम मिलकर अगली बैठक के बारे में फैसला कर लेंगे.’’

सरकार ने बुधवार को किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था के जारी रहने को लेकर लिखित आश्वासन देने का प्रस्ताव भेजा था. सरकार ने कहा कि MSP व्यवस्था जारी है और जारी रहेगी. हालांकि, किसान संगठनों ने सरकार की इस पेशकश को ठुकरा दिया और कहा कि तीनों कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस लिये जाने की अपनी मांग को वह आंदोलन तेज करेंगे.

MSP पर नये कानून के बारे में पूछे जाने पर तोमर ने कहा कि नये कृषि कानूनों का MSP व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा. MSP व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी. कृषि मंत्री ने किसानों से बातचीत के मेज पर लौटने का आग्रह करते हुये कहा कि सरकार की तरफ से जो पेशकश की गई है उन पर वह विचार करें. सरकार उनमें भी यदि कोई मुद्दा है तो उस पर बातचीत के लिये तैयार है.

तोमर ने कहा कि ऐसे समय जब बातचीत चल रही है और सरकार आगे भी बातचीत के लिये तैयार है विरोध प्रदर्शन को तेज करना उचित नहीं है. किसानों की सभी समस्याओं और चिंताओं पर बातचीत के लिये सरकार तैयार है. कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि बातचीत से कोई न कोई समाधान निकल आयेगा.