प्रदर्शनकारी किसानों के साथ शुक्रवार को बातचीत बेनतीजा रहने के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान नेताओं से कहा कि कृषि कानूनों के निलंबन के प्रस्ताव को अधिनियम में खामियां होने की स्वीकारोक्ति के तौर पर नहीं समझा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इस तरह का प्रस्ताव दिया गया और सरकार इस संकट को किसान समुदाय के हित में सुलझाने के समर्थन में है.

11वें चरण की वार्ता बेनतीजा समाप्त होने के कई घंटे बाद तोमर ने बैठक के दौरान का एक वीडियो साझा किया, जिसमें कृषि मंत्री किसान नेताओं से किसानों के हित में विचार करने का अनुरोध करते दिखाई दे रहे हैं. मंत्री ने कहा, ''लोकतंत्र में सहमति और असहमति स्वाभाविक है... लेकिन बातचीत के जरिए कोई हल निकालने के लिए एक स्पष्ट नजरिया बेहद आवश्यक है.''