नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) कोविड-19 के मामलों में वृद्धि बीच दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अपनी भौतिक ओपीडी सेवा को बंद करने और सामान्य मरीजों को भर्ती करने संबंधी सेवा को स्थगित करने का फैसला किया है, जिससे कि वायरस के प्रसार को रोका जा सके और संसाधनों को कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों के उपचार में लगाया जा सके।

एम्स प्रशासन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि बृहस्पतिवार, 22 अप्रैल से भौतिक ओपीडी सेवा, विशेषज्ञता क्लिनिक और सभी केंद्रों में रोगियों की भौतिक परामर्श सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर टेली परामर्श सेवा पर जाने का निर्णय किया गया है।

इसमें कहा गया, ‘‘कोविड-19 महामारी के सामुदायिक प्रसार की संभावना को कमतर करने की बढ़ती आवश्यकता तथा मौजूदा श्रमशक्ति और संसाधनों को कोविड-19 के संदिग्ध/पुष्ट मामलों के रोगियों के उपचार में इस्तेमाल करने के मद्देनजर तथा दिल्ली सरकार द्वारा घोषित पूर्ण कर्फ्यू संबंधी स्थिति पर विचार करते हुए यह निर्णय किया गया है।’’

प्रशासन ने कहा कि इसके अलावा सामान्य रोगियों को भर्ती करने संबंधी बिस्तरों का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार आपातकालीन/अर्ध आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों के उपचार के लिए करने संबंधी आवश्यकता के मद्देनजर एम्स अस्पताल और सभी केंद्रों में सामान्य और निजी वार्ड में सामान्य रोगियों को भर्ती करने की सेवा को तत्काल दो सप्ताह की अवधि के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय किया गया है।

इसने कहा कि इस अवधि के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।

परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे रोगियों को भर्ती करने की सेवा जारी रहेगी जो आपातकालीन स्थिति वाले मरीज हैं और जिन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती होने की आवश्यकता है या ऐसे रोगी जिन्हें आपातकालीन/अर्ध आपातकालीन स्थिति के चलते निजी वार्ड में भर्ती होने का परामर्श दिया गया है।

इसमें कहा गया, ‘‘...ईएचएस रोगियों को चिकित्सा आवश्यकता के अनुरूप भर्ती करने संबंधी सेवा जारी रहेगी।’’