इंदौर, 28 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर जिले में मेडिकल ऑक्सीजन की जल्द से जल्द आपूर्ति के लिए भारतीय वायु सेना का अभियान जारी है। इसके तहत बुधवार को चिकित्सीय ऑक्सीजन के तीन खाली टैंकरों को एक ही विमान में लादकर इंदौर से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचाया गया।

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निदेशक अर्यमा सान्याल ने बताया, 'वायुसेना के बड़े मालवाहक और परिवहन विमानों में शुमार सी-17 जामनगर से उड़ान भरकर इंदौर पहुंचा। स्थानीय हवाई अड्डे पर इसमें चिकित्सीय ऑक्सीजन के 30 मीट्रिक टन, 24 मीट्रिक टन और 16 मीट्रिक टन क्षमता वाले तीन खाली टैंकर लादे गए। फिर इस विमान को रायपुर भेजा गया।'

उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब इंदौर हवाई अड्डे पर उतरे वायुसेना के विशाल विमान से एक साथ तीन टैंकरों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। सान्याल के मुताबिक इस काम के लिए हवाई अड्डा कर्मचारियों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के दौरान टैंकरों के बाहरी हिस्से के अतिरिक्त कल-पुर्जों में काट-छांटकर उन्हें इस काबिल बनाया कि वे इस विमान के भीतर एक साथ समा सकें।

मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) की इंदौर इकाई के कार्यकारी निदेशक रोहन सक्सेना ने बताया कि चिकित्सीय ऑक्सीजन के टैंकरों को सड़क मार्ग के जरिये इंदौर से रायपुर पहुंचने में आमतौर पर करीब 20 घंटे का समय लगता, जबकि वायुसेना के विमान से ये वाहन घंटे भर में ही वहां पहुंच गए।

उन्होंने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र से चिकित्सीय ऑक्सीजन भरवाने के बाद तीनों टैंकर सड़क मार्ग से इंदौर लौटेंगे।

सक्सेना ने बताया कि ऑक्सीजन से भरे टैंकर की ढुलाई सैन्य विमानों से नहीं की जाती क्योंकि इस गैस को ज्वलनशील माना जाता है और इससे जहाज को खतरा हो सकता है।

इंदौर में महामारी के खिलाफ वायुसेना की मुहिम 23 अप्रैल से ऐसे वक्त शुरू हुई, जब जिले में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी से मरीज परेशान हो रहे हैं और कई लोगों को खुद सिलेंडर लेकर इस जीवनरक्षक गैस का इंतजाम करते देखा जा सकता है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,07,240 मरीज मिले हैं।इनमें से 1,123 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।