यरूशलम, 25 मई (एपी) अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका यरूशलम में अपना महावाणिज्य दूतावास फिर खोलेगा । यह कदम फलस्तीनियों के साथ संबंध बहाल करने का परिचायक है जिसे ट्रंप प्रशासन ने घटा दिया था।

इस वाणिज्य दूतावास ने लंबे समय तक एक ऐसे स्वायत्त कार्यालय के रूप में काम किया जहां फलस्तीनियों के साथ राजनयिक संबंधों की जिम्मेदारी निभायी गयी। लेकिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसका कामकाज घटा दिया। उन्होंने उसे इस्राइल के अपने राजदूत के प्राधिकार के अंतर्गत रख दिया और दूतवास यरूशलम ले गये।

ट्रंप के कदम से फलस्तीनी नाराज हो गये । वे पूर्वी यरूशलम को कब्जे में लिये गये क्षेत्र के रूप में देखते हैं और उसे अपनी भावी राज्य की राजधानी मानते हैं।

ब्लिंकन ने वाणिज्य दूतावास को फिर से खोलने की तारीख नहीं बतायी है।

कब्जे वाले पश्चिमी तट पर रमल्ला में फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ भेंटवार्ता के बाद ब्लिंकन ने इस कदम की घोषणा की। अमेरिका गाजा के सत्तारूढ़ हमास आतंकवादी संगठन के साथ अब्बास की प्रतिद्वंद्विता में उनका (अब्बास का) हाथ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ जैसा कि मैंने राष्ट्रपति से कहा कि मैं फलस्तीन प्राधिकरण और फलस्तीनी लोगों के साथ फिर से रिश्ता कायम करने के अमेरिका के संकल्प पर बल देने के लिए यहां हूं। यह एक ऐसा रिश्ता है जो परस्पर सम्मान और इस साझे विश्वास पर पर आधारित होगा कि फलस्तीनी और इस्राइली सुरक्षा, आजादी के अवसर एवं गरिमा के समान उपाय के हकदार हैं।’’

ब्लिंगन पिछले सप्ताह हुए संघर्षविराम को मजबूत करने के लिए इस क्षेत्र की यात्रा पर आये हैं। इस्राइल और हमास के बीच 11 दिनों की जंग के बीच 250 से अधिक लोगों की जान चली गयी।