जब भी हम कोई वाहन खरीदने का सोचते हैं तो नई और पुरानी दोनों कारों के बारे में सोचते हैं. बहुत से लोग इस सवाल से भी गुजरते हैं कि क्या मैं नई गाड़ी खरीदूं या इस्तेमाल की हुई सेकेंड हैंड कार लूं.अगर आप भी उन लोगों में एक हैं तो पहले आपको सेकेंड हैंड कार ही लेनी चाहिए. आज हम आपको ऐसी ही कुछ चीजें बताएंगे जिनपर विचार करने के बाद आप अपनी सेकेंड हैंड कार चुन सकते हैं.

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सस्ती मिल जाएगी सेकेंड हैंड कार- अगर आपके मन में भी सेकेंड हैंड कार का ख्याल है तो यह आपके बजट में आ सकती है. पुरानी कार का विचार आपके मन में सटीक बैठता है. यह आपको 60 प्रतिशत तक कम दाम में मिल जाएगी. इसमें दिलचस्प बात ये बात अगर आप 3 साल के बाद भी अपने उपयोग में लाकर बेचते हैं तो आपको कोई ना कोई कीमत मिल ही जाती है.

आरटीओ के झंझट से बचना- सेकेंड हैंड कार खरीदने के साथ ही आपको कोई दूसरे खर्च जैसे पंजीकरण, सड़क कर और दूसरे आरटीओ शुल्क का भुगतान नहीं करना होता है. लेकिन अगर आप नई कार खरीदेंगे तो आपको इन सबमें भी खर्चा करना होता है.

फ्री में मिल सकता है बीमा- जब भी कोई नई कार खरीदता है तो उसे 5 साल का बीमा करवाना होता है. लेकिन अगर आप 5 साल से कम चली कार लेते हैं तो उसपर कंपनी की वारंटी का आनंद भी आपको बिना पैसे खर्च किए मिल जाता है.

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