सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने शुक्रवार को कहा कि नियंत्रण रेखा (LOC) के पार आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण पाये करीब 300-400 आतंकवादी जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने की फिराक में हैं. जनरल नरवणे ने सेना दिवस परेड पर अपने भाषण में कहा कि संघर्ष विराम उल्लंघन में 44 फीसद की वृद्धि हुई है जिससे पाकिस्तान का नापाक मंसूबा परिलक्षित होता है.

पाकिस्तान आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने में मदद पहुंचाने के लिए सीमा/नियंत्रण रेखा अक्सर गोलीबारी करता है.

सेना प्रमुख ने कहा कि भारत के सक्रिय अभियानों एवं मजबूत आतंकवाद निरोधक ग्रिड ने न केवल दुश्मन को बड़ा नुकसान पहुंचाया है बल्कि घुसपैठ के प्रयासों पर भी काबू पाया है.

उन्होंने कहा कि सेना ने पिछले साल आतंकवाद निरोधक अभियानों में नियंत्रण रेखा पर 200 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया और इन उपायों से जम्मू कश्मीर के लोगों को आतंकवाद से राहत मिली.

उन्होंने कहा, ‘‘अन्य सीमा पर दुश्मन को मजबूत जवाब दिया जा रहा है. पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना जारी रखे हुए है . नियंत्रण रेखा के पार प्रशिक्षण शिविरों में करीब 300-400 आतंकवादी घुसपैठ करने की फिराक में हैं.’’

जनरल नरवणे ने कहा, ‘‘पिछले साल संघर्ष विराम उल्लंघन में 44 फीसद की वृद्धि हुई जिससे पाकिस्तान का नापाक मंसूबा परिलक्षित होता है. ड्रोन के माध्यम से हथियारों की तस्करी की कोशिश की जा रही है.’’

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अपनी युद्धक क्षमता को बढ़ाने के लिए पुनर्गठन एवं आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि सेना कृत्रिम मेधा, ब्लॉक चेन (कंप्यूटर प्रणाली पर बिटक्वाइन में विनिमय), क्वांटम कंप्यूटिंग, मानवरहित प्रणाली, आदि उभरती प्रौद्योगिकियों पर आईआईटी जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया योजना के तहत सेना ने 32,000 करोड़ रूपये की 29 आुधनिकीकरण परियोजना का अनुबंध किया है.

सेना प्रमुख ने भारतीय सेना का एक मोबाइल ऐप देश को समर्पित किया और कहा कि इससे लोगों खासकर युवा पीढ़ी को प्रचुर सूचनाएं मिलेंगी.