आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि अगर 2022 के चुनाव में गोवा में सत्ता में आए तो उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि निजी क्षेत्र सहित 80 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित होंगी. उन्होंने इन क्षेत्रों के सामान्य होने तक खनन और पर्यटन उद्योगों पर निर्भर परिवारों को 5,000 रुपये मासिक पारिश्रमिक देने का भी आश्वासन दिया.

अरविंद केजरीवाल ने पणजी में कहा, "गोवा के अंदर रोजगार के अवसर पैदा करने हैं. गोवा के युवाओं ने बताया कि गोवा में सरकारी नौकरी चाहिए तो किसी न किसी विधायक या मंत्री से दोस्ती चाहिए होती है. उसकी सिफारिश चाहिए होती है, उसका पार्टी वर्कर होना चाहिए."

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हर महीने 3000 रुपये बेरोज़गारी भत्ता

दिल्ली के सीएम ने कहा, "हम इसे बंद करेंगे. गोवा की हर सरकारी नौकरी पर गोवा के युवाओं का अधिकार होगा. हर घर से 1 बेरोज़गार युवा को रोज़गार देने की व्यवस्था करेंगे. जब तक उसे रोज़गार नहीं मिलता तब तक प्रतिमाह 3000 रुपये बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा."

गोवा में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं, वर्तमान में राज्य में बीजेपी का शासन है. पिछले दो महीने में केजरीवाल की गोवा की यह दूसरी यात्रा है. जुलाई में अपने पहले के दौरे में, दिल्ली के मुख्यमंत्री ने गोवा में लोगों को प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का आश्वासन दिया था, अगर उनकी पार्टी चुनाव के बाद सरकार बनाती है.

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अरविंद केजरीवाल के 7 वादे

- हर घर से एक बेरोजगार को रोजगार

- रोज़गार मिलने तक 3,000 रुपये महीने का भत्ता

- 80 फीसद नौकरी गोवा के युवाओं के लिए आरक्षित होगी

- प्राइवेट नौकरी के लिए कानून लाएंगे

- अभी कोरोना की वजह से पर्यटन का नुकसान हुआ है, जब तक उनका रोजगार सही नही चलता तब तक उन्हें 5 हजार महीना दिया जाएगा. माइनिंग फैमिली को भी 5 हजार हर महीने दिया जाएगा.

- स्किल यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी

- अगर यहां सरकारी नौकरी चाहिए तो राजनेताओ से संबंध होने चाहिए, इसे हम बंद करेंगे और पारदर्शी व्यवस्था लाएंगे.

एक अन्य वादे में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर गोवा में एक कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी जहां युवाओं को कुशल बनाया जाएगा और रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर आप सत्ता में आती है तो योग्य लोगों को ही योग्यता के आधार पर राज्य सरकार में नौकरी मिलेगी.

2017 के गोवा विधानसभा चुनावों में, AAP ने एक भी शीट नहीं जीती थी. कांग्रेस ने तब गोवा में 40 सदस्यीय सदन में सबसे अधिक 17 सीटें जीती थीं, जिससे भाजपा 13 पर सिमट गई. कांग्रेस को हैरान करते हुए भगवा पार्टी ने क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया और वरिष्ठ नेता मनोहर पारिकर के नेतृत्व में सरकार बनाई. पारिकर के निधन के बाद प्रमोद सावंत मुख्यमंत्री बने.

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