प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व की बड़ी सौर परियोजनाओं में शामिल रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना राष्ट्र को समर्पित कर दिया.लगभग 4 हजार करोड़ की लागत वाली 750 मेगावाट की इस परियोजना में पूर्ण क्षमता से सौर ऊर्जा का उत्पादन प्रारंभ हो चुका है. वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना लोकार्पित होगी. वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आंनदी बेन पटेल लखनऊ से और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल से शामिल हुए. इस परियोजना से लगभग 800 लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है.

22 दिसम्बर 2017 को किया था परियोजना का शिलान्यास

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 दिसम्बर 2017 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था. परियोजना को लगभग ढाई साल के रिकार्ड समय में पूरा किया गया. परियोजना से सस्ती बिजली का उत्पादन हो रहा है. इससे बड़ी राशि की बचत हो रही है. इस परियोजना को विश्व बैंक का ऋण राज्य शासन की गारंटी के बिना क्लीन टेक्नालॉजी फण्ड के अंतर्गत सस्ती दरों पर दिया गया है. यह परियोजना इस मायने में भी महत्वपूर्ण है क्योकि इसमें प्रति यूनिट की क्रय दर 2 रूपये 97 पैसे है, जो अब तक की न्यूनतम दर है. सौर परियोजना को पर्यावरण की दृष्टि से देखे तो रीवा सौर परियोजना से प्रतिवर्ष 15.7 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उर्त्सजन को रोका जा रहा है जो 2 करोड़ 60 लाख पेड़ों को लगाने के बराबर है.

यहां लगे हैं दुनिया की सबसे बड़े सिंगल साइड सौर सयंत्र

गुढ़ रीवा में स्थापित वृहद सौर ऊर्जा संयंत्र परियोजना 1590 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित है. यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल साइड सौर सयंत्रों में से एक है. इस सौर ऊर्जा प्लांट में कुल तीन इकाईयां है. प्रत्येक इकाई में 250 मेगा वाट विद्युत का उत्पादन हो रहा है. परियोजना से उत्पादित विद्युत का 76 प्रतिशत अंश प्रदेश की पावर मैनेजमेंट कम्पनी और 24 प्रतिशत दिल्ली मेट्रो को प्रदान किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए हुआ चयन

रीवा सौर परियोजना के लिये मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम और सोलर एनर्जी कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया की ज्वाइंट वेंचर कम्पनी के रूप में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड कम्पनी का गठन किया गया. इस परियोजना को राज्य-स्तर पर नवाचार के लिये प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिये सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं में चयनित किया गया. इस परियोजना में उत्पादित विद्युत का न्यूनतम टैरिफ 2 रूपये 97 पैसे यूनिट था, जो समकालीन परियोजनाओं से प्राप्त टैरिफ साढ़े चार से पांच यूनिट की तुलना में डेढ़ से दो रूपये तक कम था.

1590 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित है रीवा सौर परियोजना

रीवा सौर परियोजना 1590 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित है. यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल साइड सौर सयंत्रों में से एक है. परियोजना से उत्पादित विद्युत का 76 प्रतिशत अंश प्रदेश की पावर मैनेजमेंट कम्पनी और 24 प्रतिशत दिल्ली मेट्रो को प्रदान किया जा रहा है. इस परियोजना से प्रथम बार ओपन एक्सेस के माध्यम से राज्य के बाहर किसी व्यवसायिक संस्थान दिल्ली मेट्रो को बिजली प्रदान की गई. आंतरिक ग्रिड समायोजन हेतु और वर्ल्ड बैंक से ऋण प्राप्त करने वाली यह देश की पहली परियोजना है. विश्व बैंक का ऋण राज्य शासन की गारंटी के बिना और क्लीन टेक्नालॉजी फण्ड (सीटीएफ) के अंतर्गत सस्ती दरों पर दिया गया है.