भारतीय कप्तान विराट कोहली को यह स्वीकार करने में कोई समस्या नहीं है कि दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में आत्मविश्वास से भरे आस्ट्रेलिया ने उन्हें पूरी तरह पछाड़ दिया और इसके लिए उन्होंने अपनी टीम की प्रभावहीन गेंदबाजी को जिम्मेदार ठहराया.

भारत को रविवार को दूसरे एकदिवसीय में 51 रन से हार का सामना करना पड़ा जिससे आस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली. भारतीय टीम को पहले मैच में 66 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी.

कोहली ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा, ‘‘उन्होंने हमें पूरी तरह से पछाड़ दिया. मुझे लगता है कि हम गेंद से उतने प्रभावी नहीं थे, हम लगातार उस लाइन और लेंथ से गेंदबाजी नहीं कर पाए जिसके साथ करनी थी और उनका बल्लेबाजी क्रम मजबूत है. वे हालात और मैदान के कोणों को काफी अच्छी तरह समझते हैं.’’

आस्ट्रेलिया के 390 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम कोहली (89) और लोकेश राहुल (76) के अर्धशतकों के बावजूद नौ विकेट पर 338 रन ही बना सकी. भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘स्कोरबोर्ड देखिए, हमने 340 रन बनाए और 50 रन के आसपास से हारे. हमें हमेशा से पता था कि लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं होगा और एक या दो विकेट गिरने से हमें 13, 16 रन प्रति ओवर की गति से रन बनाने पड़ सकते थे इसलिए हमें लगातार शॉट खेलने थे.’’

कोहली ने कहा कि आस्ट्रेलियाई क्षेत्ररक्षकों ने उनके और श्रेयस अय्यर (38) के जो कैच लपके वे टर्निंग प्वाइंट रहे. उन्होंने कहा, ‘‘मैं और राहुल बात कर रहे थे कि अगर हम 40-41 ओवर तक खेलते रहे और अंतिम 10 ओवर में 100 रन भी बनाने हैं तो हार्दिक (पंड्या) के आने से हम रन बना सकते हैं, यह हमारी रणनीति थी लेकिन उन्होंने जो दो कैच लपके उन्होंने रुख बदल दिया.’’