मुंबई, 22 मई (भाषा) महाराष्ट्र भाजपा के नेता आशीष शेलार ने शनिवार को एफ्कॉन इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। इसी कंपनी का बजरा ‘पी-305’ गत सोमवार को ( 17 मई) को अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान ताउते की चपेट में आने के बाद डूब गया था और अबतक उसमें सवार करीब 60 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है।

इस बीच, इस हादसे में मरे 30 लोगों की पहचान करने के लिए पुलिस ने डीएनए जांच की पहल की है।

अखिल भारतीय नाविक संघ के प्रतिनिधियों की मुंबई के पुलिस आयुक्त हेमतंत नागरले से मुलाकात के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार और पुलिस कंपनी के मालिक को बचाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘बजरा पी 305 के कैप्टन राकेश बल्लभ ने कर्मचारियों के जीवन को खतरे में डाला। इस मामले में मामला दर्ज किया गया लेकिन ऐसा लगाता है कि यह तथ्य नहीं है।कैसे पूरे हादसे के लिए केवल कैप्टन को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? ठेका प्राप्त करने वाली कंपनी अकेले इस हादसे के लिए जिम्मेदार है। ऐसा लगता है कि कंपनी इस स्थिति से बचने की कोशिश कर रही है। 80 जिंदगियों को खतरे में डॉलने के लिए कंपनी पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।’’

शेलार ने आरोप लगाया कि शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की ‘महा विकास अघाडी’ सरकार हादसे का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने यह आरोप गठबंधन द्वारा पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगे जाने के बाद लगाया।

वहीं, मुंबई पुलिस शवों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच का विकल्प अपना रही है।

मुंबई पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि नौसेना ने अबतक अरब सागर से 61 लाशें बरामद की हैं और स्थानीय पुलिस को सौंपे हैं।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 28 पीड़ितों के शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौप दिया है लेकिन 30 शवों की पहचान की जानी बाकी है क्योंकि कुछ सड़ चुकी हैं जबकि कुछ पर गहरे जख्म हैं।

उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर पुलिस ने शवों की डीएनए जांच कराने का फैसला किया है।

अधिकारी ने बताया कि शवों और करीबी रिश्तेदारों के रक्त नमूने एकत्र कर सांताक्रूज के कलीना स्थित फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।