बकरीद मुस्लिम समुदाय में मनाए जाने वाले दो बहुत महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. यह इस्लामिक महीने ज़ुल हिज्जा के दसवें दिन मनाया जाता है. अन्य प्रमुख त्योहार ईद-उल-फितर है, जो शव्वाल महीने के पहले दिन मनाया जाता है और रमजान के पवित्र महीने के बाद आता है. दुनिया भर के मुसलमान इन दिनों को प्रार्थना करके, नए कपड़े पहनकर, स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हुए और दोस्तों और परिवार के साथ ये दिन मनाते हैं.

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इस दिन बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा होते हैं, इससे बड़े स्तर पर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लोगों को नीचे दी गई सावधानियों का पालन करना चाहिए.

1.नमाज अदा करने जाते समय हमेशा कम से कम 1 मीटर की सामाजिक दूरी बनाए रखें. सुनिश्चित करें कि आप कहीं भी बाहर जाते समय हमेशा मास्क पहनें.

2. यदि आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक है या आपको मधुमेह, हृदय रोग, फेफड़ों की पुरानी बीमारी, क्रोनिक किडनी रोग या कैंसर जैसी कोई बीमारी है, तो किसी भी प्रकार की सामाजिक सभा में शामिल होने से बचें.

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3.अपने हाथ नियमित रूप से धोएं और किसी के साथ किसी भी तरह के शारीरिक संपर्क से बचें जैसे, गले लगना और हाथ मिलाना.

4.किसी भी भीड़-भाड़ वाली जगह पर न जाएं और अगर जरूरी हो तो सुनिश्चित करें कि आप डबल मास्क, हैंड सैनिटाइजर और फेस शील्ड पहनकर जा रहे हैं.

5. सुनिश्चित करें कि अतिथि के घर छोड़ने के बाद आप अपने घर को साफ करें.

ईद-अल-अधा: महत्व

इस त्योहार पर यह माना जाता है कि पैगंबर इब्राहिम के सपनों में भगवान ने उनके बेटे इस्माइल को बलिदान करने के लिए कहा था और वो इस बलिदान के लिए त्यार भी हो जाते हैं. उनकी आस्था और भक्ति से प्रेरित होकर, भगवान ने जिब्राईल या गेब्रियल को एक बकरी के साथ भेजा और उन्हे अपने बेटे को बकरी के साथ बदलने के लिए कहा. उस दिन को चिह्नित करने के लिए दुनिया भर में बकरीद मनाई जाती है. मुस्लिम समुदाय के लिए इस दिन का बहुत महत्व है.

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