कोविड-19 महामारी के बीच मेट्रो टेनों के परिचालन की तैयारी कर रहे दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के अधिकारियों ने रविवार को कहा कि यात्रियों को सुरक्षित सफर का अनुभव कराने के लिये प्रयास किये जाएंगे.

DMRC की तरफ से यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी में करीब 50 दिनों बाद (रविवार को) एक दिन में कोविड-19 के सबसे ज्यादा 2,024 नए मामले सामने आए हैं. महामारी की वजह से दिल्ली में करीब पांच महीने से मेट्रो सेवायें बंद थी.

गृह मंत्रालय ने ‘अनलॉक-4’ के तहत शनिवार को जारी दिशानिर्देशों के तहत सात सितंबर से चरणबद्ध रूप से मेट्रो सेवाओं का संचालन शुरू करने की इजाजत दी है.

डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक, कॉरपोरेट कम्यूनिकेशंस अनुज दयाल ने रविवार को कहा, “कोविड-19 महामारी के बीच सात सितंबर से जब मेट्रो सेवाएं शुरू होंगी, तो यात्रियों को सुरक्षित सफर का अनुभव देने के लिये मेट्रो परिसर में हर जरूरी ऐहतियात बरते जाएंगे और उपाय किये जाएंगे.”

दिल्ली सरकार ने भी रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा संबंधी ऐहतियात का पालन करते हुए सेवाओं को शुरू किया जाएगा.

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गौतम को उद्धृत करते हुए बयान में कहा गया, “फिलहाल यात्रियों को टोकन नहीं दिये जाएंगे क्योंकि इनसे वायरस के प्रसार का खतरा ज्यादा रहता है. प्रत्येक स्टेशन पर स्मार्ट कार्ड की खरीद के लिये एक व्यवस्था होगी और यात्री सिर्फ स्मार्ट कार्ड के जरिये ही सफर कर पाएंगे.”

डीएमआरसी अधिकारियों ने रविवार को कहा कि शहरी विकास मंत्रालय द्वारा विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी किये जाने के बाद मेट्रो के कामकाज और आम लोगों द्वारा इस्तेमाल को लेकर और विवरण जारी किया जाएगा.

डीएमआरसी ने इन महीनों के दौरान अपने कर्मचारियों को कोविड-19 के सुरक्षा उपायों के अनुपालन और यात्रियों के लिये सफर को सुरक्षित बनाने के तौर तरीकों को लेकर प्रशिक्षित किया है.