अमेरिकी चुनाव में जीत को लेकर राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति पद की प्रत्याशी सीनेटर कमला हैरिस अब आश्वत हैं. इन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर तवज्जो देने का काम शुरू कर दिया है. ये दोनों क्षेत्र कोविड-19 महामारी के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.

ताजे अनुमान के मुताबिक, बाइडेन 538 में से 264 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर चुके हैं और उन्हें जीत हासिल करने के लिए महज छह इलेक्टोरल कॉलेज वोट ही और चाहिए. अमेरिका में राष्ट्रपति बनने के लिए कम से कम 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट की जरूरत होती है. उन्होंने शुक्रवार रात डेलावेयर के विल्मिंगटन में अपने प्रचार अभियान के मुख्यालय से देश के नाम संबोधन में कहा, “अंतिम परिणाम का इंतजार करते हुए, मैं चाहता हूं कि लोग जाने कि हम काम करने के लिए इंतजार नहीं कर रहे हैं.''

77 वर्षीय पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा, “मैं चाहता हूं कि हर कोई जाने कि पहले दिन से हम इस वायरस को नियंत्रित करने के लिए अपनी योजना लागू करने जा रहे हैं. इससे जान गंवा चुके लोगों को नहीं लौटाया जा सकता, लेकिन आने वाले महीनों में बहुत सी जिंदगियों को बचाया जा सकेगा.'' एक दिन पहले बाइडेन और हैरिस ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञों के एक समूह के साथ बैठक की थी.

बाइडेन ने कहा, “सीनेटर हैरिस और मैंने कल जाना कि महामारी को नियंत्रित करने में नाकामी की वजह से कैसे हमारी अर्थव्यवस्था के उभरने की रफ्तार सुस्त है.'' उन्होंने कहा, “दो करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हैं. लाखों लोग किराया देने और खाने के लिए फिक्रमंद हैं. अर्थव्यवस्था को लेकर हमारी योजना, इसे मजबूती से उभारने पर तवज्जो देगी.''

बाइडेन ने कहा कि महामारी समूचे देश में और चिंताजनक हो रही है. रोज आने वाले मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. माना जा रहा है कि एक दिन में दो लाख तक मामले आ सकते हैं. उन्होंने कहा, “मृतक संख्या 2.40 लाख के करीब पहुंच रही है. हम कभी भी इतने परिवारों को हुए दर्द को आंक नहीं पाएंगे. मैं जानता हूं कि किसी अपने को खोकर कैसा महसूस होता है और मैं चाहता हूं कि वे जानें कि वे अकेले नहीं हैं. हमारा दिल भी आपके साथ दुखता है.''

परिणाम के लिहाज से अहम राज्यों में मतगणना जारी रहने के बीच बाइडेन ने देशवासियों से शांत रहने और सब्र करने को कहा. उन्होंने कहा, “लोकतंत्र काम करता है. आपका मत गिना जाएगा. मुझे इस बात की परवाह नहीं कि लोग इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं. मैं ऐसा नहीं होने दूंगा.”

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने यह भी कहा, ''अमेरिका में हमारे पास मजबूत विचार हैं तो मजबूत असहमतियां भी हैं. मजबूत असहमतियां लोकतंत्र में जरूरी हैं.”

बाइडेन ने कहा, ''हमें याद रखना है कि हमारी राजनीति बेदर्द, खत्म नहीं होने वाली लड़ाई नहीं है. हमारी राजनीति का मकसद राष्ट्र के लिए काम करना है. टकराव को भड़काना नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान करना है. न्याय की गारंटी देना है. सबको समान अधिकार देने हैं. हमारे लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है. हम प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं- लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं. हम अमेरिकी हैं.'' उन्होंने कहा, “हम निश्चित तौर पर बहुत सारे मुद्दों पर सहमत ना हों, लेकिन हम कम से कम एक-दूसरे के प्रति सभ्य हो सकते हैं. हमें अपना गुस्सा, पीछे रखना चाहिए.'' बाइडेन ने कहा कि यह समय एक राष्ट्र के तौर पर एकसाथ आने और जख्मों को भरने का है.

एकता का संदेश देते हुए, उन्होंने यह भी कहा, “ यह आसान नहीं होगा, मगर हमें कोशिश जरूर करनी चाहिए. राष्ट्रपति के तौर पर मेरी जिम्मेदारी पूरे देश का प्रतिनिधित्व करने की होगी. मैं चाहता हूं कि आप जानें कि मैं जितनी मेहनत से उन लोगों के लिए काम करुंगा जिन्होंने ने मुझे वोट दिया है, उतनी ही मेहनत से उन लोगों के लिए भी काम करूंगा, जिन्होंने मुझे मत नहीं दिया है. यह मेरा काम है. इसे देखभाल का कर्तव्य कहते हैं.”

बाइडेन ने कहा,  ''हमारे सामने कोविड से लेकर हमारी अर्थव्यवस्था, नस्लीय न्याय से लेकर जलवायु की गंभीर समस्याएं हैं जिनसे हमें निपटना हैं. हमारे पास दलीय लड़ाई में ज़ाया करने के लिए समय नहीं है.''