अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडेन बुधवार यानी 20 जनवरी को शपथ लेंगे. उनके साथ कमला हैरिस अमेरिका की पहले महिला उप-राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. कोरोना महामारी के दौर में अमेरिका में राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह अलग तरीके से होने वाला है. वहीं, यूएस कैपिटल्स में हुई हिंसा की वजह से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है.

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स 12 बजते ही (स्थानीय समयानुसार) कैपिटल के वेस्ट फ्रंट में बाइडन को पद की शपथ दिलाएंगे. शपथ ग्रहण का यह पारंपरिक स्थान है जहां नेशनल गार्ड्स के 25 हजार से अधिक जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे. निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए इस स्थान को किले में तब्दील कर दिया गया है.

बाइडन (78) अपने परिवार की 127 वर्ष पुरानी बाइबिल के साथ शपथ लेंगे. इस दौरान उनकी पत्नी जिल बाइडन अपने हाथों में बाइबिल लिए खड़ी रहेंगी.

अमेरिका के इतिहास में सबसे अधिक उम्र के राष्ट्रपति बनने जा रहे बाइडन शपथ ग्रहण के तुरंत बाद राष्ट्रपति के तौर पर देश के नाम अपना पहला संबोधन देंगे. ऐतिहासिक भाषण भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक विनय रेड्डी तैयार कर रहे हैं, जो एकता और सौहार्द पर आधारित होगा.

हैरिस (56) पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रचेंगी. उन्हें सुप्रीम कोर्ट की पहली लैटिन सदस्य न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमेयर पद की शपथ दिलाएंगी. सोटोमेयर ने बाइडन को 2013 में उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई थी.

इस वर्ष सत्ता हस्तांतरण अपने विवादों को लेकर याद किया जाएगा. चुनावों के बाद सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया शुरू हो जाती थी लेकिन निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तीन नवंबर के चुनाव परिणाम को अस्वीकार करने के बाद यह कई हफ्ते बाद शुरू हुआ है.

शपथ ग्रहण कार्यक्रम अमेरिकी समयनुसार सुबह करीब 11 बजे शुरू हो जाएगा. यानी ये भारतीय समयानुसार रात के 10.30 बजे होगा. वहीं, ट्रंप ने कहा है कि वह शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होंगे.

(इनपुट भाषा से भी)