बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने तरीके से समीकरण बैठाना शुरू कर दिया है. हाल ही में जेडीयू के विधायक आरजेडी में और आरजेडी के विधायक जेडीयू में शामिल हो गए. वहीं, अब जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने फैसला लेते हुए खुद को महागठबंधन से अलग कर लिया है. इसे महागठबंधन को बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.

महागठबंधन से अलग होने के बारे में जानकारी देते हुए जीतनराम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने कहा, 'महागठबंधन के लोग हमें समझ नहीं रहे थे. वो सोचते थे कि इन लोगों में क्षमता नहीं है ये कुछ नहीं कर सकते. इस उपेक्षा का दंश हम कब तक झेलते. एक से डेढ़ साल से हमारी गठबंधन सरकार के बड़े नेताओं के साथ कोई बात नहीं हुई. ये उपेक्षा कहीं न कहीं घातक थी.'

संतोष सुमन ने आगे कहा, 'बिहार के विकास की और गरीबों के हित की बात नहीं थी इसलिए हमने सोचा कि हम लोगों को अलग होकर गरीबों की लड़ाई लड़नी है. इसके लिए आगे की रणनीति तय करेंगे. अभी ये तय नहीं हुआ है कि हम कहां जाएंगे. राजनीति है अपार संभावना है.'

बता दें, महागठबंधन से अलग होने को लेकर जीतनराम मांझी ने पहले भी कई बार कह चुके हैं. लेकिन अब जब सभी अपने समीकरण के मुताबिक इधर से उधर हो रहे हैं तो मांझी ने भी फैसला ले लिया है.

माना जा रहा है कि, वह एक बार फिर एनडीए और नीतीश कुमार से हाथ मिलाएंगे. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन तय माना जा रहा है कि वह एनडीए में जाएंगे. पार्टी इस बारे में जल्द ही घोषणा भी करेगी.