बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर महागठबंधन ने अपना घोषणा पत्र जारी किया है. घोषणा पत्र में युवाओं को रोजगार देने, पलायन रोकने, शिक्षकों को समान कार्य के लिये समान वेतन देने, उद्योगों को बढ़ावा देने सहित विभिन्न वादे किये गए हैं. हालांकि, इस घोषणा पत्र पर बिहार के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने तंज कसा है.

सुशील मोदी ने कहा, महागठबंधन ने आज जो घोषणा पत्र जारी किया है, उसमें जिंदगी भर जो पार्टियां जमीन हड़पती रही, वो आज किसानों की बात कर रही हैं, जो लोग पैसा लेकर नौकरी देते रहे, आज वो नौकरी की बात कर रहे हैं. ये लोग केवल घोषणा कर सकते हैं, कुछ दे नहीं सकते.'

वहीं, तेजस्वी यादव ने दावा किया कि पिछली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी चीनी मिल को लेकर कुछ वादे किये थे लेकिन वे पूरे नहीं हुए. उन्होंने कहा कि लीची, गन्ना सहित अन्य उत्पादों के लिये कोई प्रसंस्करण इकाई नहीं है. हमारा ध्यान इन सभी पर रहेगा.

तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग कुर्सी पाने की होड़ में लगे हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सृजन घोटाले सहित कई घोटाले इसी शासनकाल में हुए हैं. राजद नेता ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के साथ ही कानून व्यवस्था स्थिति गंभीर है.

इसके अलावा सुरजेवाला ने हाल में बने तीन कृषि कानूनों को किसान विरोधी करार देते हुए आरोप लगााया कि भाजपा हरित क्रांति को विफल बनाना चाहती है. कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी तब पहले विधानसभा सत्र में तीनों कानून को खत्म करने के लिए कदम उठाया जायेगा.