बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनेताओं की बयानबाजी शुरू हो गई है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले SC-ST को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं, जिसमें SC-ST की हत्या पर अनुकंपा पर नौकरी देना फैसला अहम है. वहीं, इस फैसले पर यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा है कि ये वोटरों को लुभाने के लिए किया जा रहा है.

मायावति ने ट्वीट कर कहा, बिहार विधानसभा आमचुनाव के पहले वर्तमान सरकार एक बार फिर एससी/एसटी वर्ग के लोगों को अनेकों प्रलोभन/आश्वासन आदि देकर उनके वोट के जुगाड़ में है जबकि अपने पूरे शासनकाल में इन्होंने इन वर्गों की घोर अनदेखी/उपेक्षा की व कुंभकरण की नींद सोते रहे, जिसके हिसाब-किताब का अब समय है.

मायावती ने आगे कहा, अगर बिहार की वर्तमान सरकार को इन वर्गों के हितों की इतनी ही चिंता थी तो उनकी सरकार अबतक क्यों सोई रही? जबकि इनको इस मामले में यूपी की बसपा सरकार से बहुत कुछ सीखना चाहिए था. अतः इन वर्गों से अनुरोध है कि वे श्री नीतीश सरकार के बहकावे में कतई न आयें.

दरअसल, नीतीश सरकार ने अमह फैसला लेते हुए निर्देश दिया है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) परिवार के किसी सदस्य की हत्या होने पर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के प्रावधान के लिए तत्काल नियम बनाएं.

इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत लंबित मामलों को 20 सितंबर तक निपटाने के आदेश दिए. नीतीश सरकार के इस फैसले को चुनावी फैसला माना जा रहा है.