बिहार चुनाव 2020 का मंच सज गया है और सभी किरदार करतब दिखाने को बेताब हैं. इन्ही किरदारों में से एक हैं राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव. खुद को समाजसेवी बताते हैं, लेकिन बिहार की जनता के बीच इनकी पहचान एक बाहुबली नेता के रूप में है. पांच बार सांसद रहे हैं, पत्नी भी एक बार कांग्रेस के टिकट से संसद पहुंच चुकी हैं.

पप्पू यादव का राजनैतिक सफर

बिहार के पूर्णिया में जन्में पप्पू यादव ने अपना पहला चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 1990 में जीता, इसके बाद 1991 में उन्होंने पूर्णिया से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता. पप्पू ने इसके बाद समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल से चुनावी बाजी खेली. वह 1991, 1996, 1994, 2004 और 2014 में सांसद चुने गए. उन्होंने 2015 में जन अधिकार पार्टी के नाम से अपना एक राजनैतिक दल भी बनाया. लेकिन उनका दल बिहार की राजनीति में कोई हलचल पैदा करने में नाकाम रहा.

मर्डर केस में सुनाई गई उम्र कैद

14 जून, 1998 को माकपा के पूर्व विधायक अजित सरकार की पूर्णिया में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी. इस हाई प्रोफाइल केस की जांच CBI को सौंपी गई और CBI के स्पेशल कोर्ट ने 2008 में राजन तिवारी और अनिल यादव के साथ पप्पू यादव को उम्र कैद की सजा सुनाई. हालांकि पप्पू यादव को पटना हाई कोर्ट ने 2008 में रिहा भी कर दिया.

प्यार में की खुदखुशी की कोशिश

1991 में हत्या के आरोप में पप्पू यादव बांकीपुर जेल में बंद थे. ऐसे में वो पास के मैदान में बच्चों को खेलते हुए देखा करते थे, वहीं पर उनकी रंजीत के छोटे भाई विक्की से मुलाकात हुई और दोनों करीबी बन गए. इसी बीच विक्की ने एक दिन पप्पू को अपनी फैमिली एलबम दिखाई. एलबम में पप्पू की नजर विक्की की बहन रंजीत की टेनिस खेलती फ़ोटो पर पड़ी.

रंजीत पर पप्पू इस तरह फिदा हुए कि जेल से निकलने के बाद वह अक्सर उनको टेनिस खेलते देखने पहुंच जाया करते थे, ये बात रंजीत को पसंद नहीं आती थी. अपनी बायोग्राफी में पप्पू ने लिखा है कि रंजीत की उनमें दिलचस्पी न होने से वह इतना परेशान हो गए थे कि उन्होंने काफी मात्रा में नींद की गोलियां खा ली थीं. इसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए, रंजीत को जानकारी मिली और वह पप्पू के प्यार को समझ पाईं. दोनों एक दूसरे को जब पसंद करने लगे तब परिवार बीच में आ गया.

काफी मनमुटाव के बाद पप्पू यादव ने कांग्रेसी नेता एसएस आहलूवालिया की मदद से रंजीत के परिवार को मनाया और पूर्णिया के गुरुद्वारे में दोनों की धूमधाम से शादी हुई.