लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री अपना गठबंधन धर्म निभाएं और उनकी वजह से किसी धर्मसंकट में ना पड़ें.

चिराग ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘आदरणीय नीतीश कुमार जी ने प्रचार का पूरा ज़ोर मेरे और प्रधानमंत्री जी के बीच दूरी दिखने में लगा रखा है. बांटो और राज करो की नीति में माहिर मुख्यमंत्री हर रोज़ मेरे और भाजपा के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं. मेरे और प्रधानमंत्री के रिश्ते कैसे है मुझे इसका प्रदर्शन करने की ज़रूरत नहीं है. पापा (केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान) जब अस्पताल में थे तब से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक उन्होंने मेरे लिए जो कुछ किया उसे मैं कभी नहीं भूल सकता.''

लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘‘मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी धर्मसंकट में पड़े. वह अपना गठबंधनधर्म निभाएं. आदरणीय मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संतुष्ट करने के लिए मेरे ख़िलाफ़ भी कुछ कहना पड़े तो निःसंकोच कहें.''

उन्होंने कहा, ''नीतीश कुमार को भाजपा के साथियों का धन्यवाद करना चाहिए की वह मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ इतना आक्रोश होने के बावजूद गठबंधनधर्म निभा रहे हैं और हर दिन नीतीश कुमार को प्रमाणपत्र देते है की वह चिराग के साथ नहीं है.''

अपनी पार्टी के ‘मोटो’ ‘बिहार फर्स्ट’ के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘बिहार फ़र्स्ट की सोच, जदयू के नेताओं की गले की फांस बन चुका है. प्रधानमंत्रीजी के विकास के मंत्र के साथ मैं और बिहार फ़र्स्ट, बिहारी फ़र्स्ट प्रतिबद्ध हैं.''

गौरतलब है कि जल्दी ही नीतीश और मोदी गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ कई चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं. वहीं राजग से बाहर निकलने के बाद लोजपा ने स्वतंत्र रूप से बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने नीतीश को गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है, लेकिन यह चिराग को स्वीकार्य नहीं है.

भाजपा ने हाल के दिनों में आरोप लगाया है कि चिराग उनके वरिष्ठ नेताओं के साथ निकटता का दावा करके भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और दोहराया कि अगर उनके गठबंधन को जनादेश मिलता है तो नीतीश ही फिर से राज्य के मुख्यमंत्री होंगे.

वहीं चिराग यह दावा करते रहे हैं कि इस चुनाव के बाद भाजपा और लोजपा का गठबंधन सत्ता में आएगा.

बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को होने वाले हैं. मतगणना 10 नवंबर को होगी.