बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार की गठबंधनों में बड़ा उलटफेर हुआ है. महागठबंधन में जहां दर्जनों पार्टियां जो NDA की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले थी अब वह बिखर चुकी है. सबसे बड़ी बात है कि जिन पार्टियों को महागठबंधन में पूछा नहीं जा रहा था और सीटों के लिए लंबी जद्दोजहद के बाद भी हाथ कुछ नहीं मिल रहा था. उन्होंने NDA में आकर बाजी मार ली है.

हम बात कर रहे हैं जीतनराम मांझी की पार्टी हिदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (VIP)की. ये दोनों पार्टियां पहले महागठबंधन में थी. लेकिन मांझी ने समय से पहले ही स्थिति को भांपते हुए महागठबंधन छोड़ एनडीए में शामिल हो गई. वहीं, मुकेश साहनी को जब महागठबंधन में नकारा गया तो सीधे एनडीए में आ गए.

महागठबंधन में सीट शेयरिंग की घोषणा के बाद एनडीए में भी सीटों की समस्या सुलझ गई है, जिसके तहत JDU को 122 सीट और BJP को 121 दी गई है. हालांकि इन सीटों में जेडीयू अपनी तरफ से 7 सीटें जीतनराम मांझी की पार्टी HAM को देगी. वहीं, बीजेपी अपनी तरफ से 11 सीटें मुकेश साहनी की पार्टी VIP को देगी. यानी बिहार में जेडीयू 115 और बीजेपी 110 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी.

सीटों का बंटवारा होते ही बीजेपी ने अपनी 27 उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी है.

वहीं, इस बीच एलजेपी के अध्यक्ष चिराग पासवान को बड़ा झटका लगा है. बीजेपी ने साफ कर दिया है कि बिहार में सीट किसी को भी कितनी आए लेकिन सीएम नीतीश कुमार ही होंगे.

बता दें कि, चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को नामंजूर करते हुए बिहार में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. हालांकि, ये पहले ही घोषणा की है कि, चुनाव के बाद वह बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाएंगी. वह अपने विधायकों का समर्थन बीजेपी को देगी. ऐसे में एनडीए के सामने कई सवाल खड़े हो गए. लेकिन बीजेपी की ओर से सुशील मोदी ने साफ किया है कि एनडीए में किसी को भी कितनी सीट आएगी लेकिन सीएम नीतीश कुमार ही होंगे.