मुंबई, 25 मई (भाषा) शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सोशल मीडिया या ‘टूलकिट’ का इस्तेमाल किया था और जब यह मुद्दा उसी पर उलटा पड़ा तो उसने विविध तरीकों से दबाव बनाया।

दिल्ली पुलिस द्वारा कथित ‘कोविड टूलकिट’ की शिकायत पर जांच के सिलसिले में ट्विटर इंडिया को भेजे गए नोटिस के संबंध में राउत ने संवाददाताओं से यह बात कही।

भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि विपक्षी दल ने ऐसा ‘टूलकिट’ तैयार किया जिससे कोविड-19 महामारी से निबटने को लेकर देश तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।

कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि उसे बदनाम करने के लिए भाजपा इस फर्जी ‘टूलकिट’ का प्रचार कर रही है।

माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने पिछले सप्ताह भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के उस ट्वीट को ‘‘तोड़-मरोड़कर पेश किया गया’’ करार दिया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए एक ‘टूलकिट’ तैयार किया था।

इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में राउत ने कहा, ‘‘भाजपा ने पहले भी सोशल मीडिया या टूलकिट का इस्तेमाल किया है। जब यह उसी पर उलटा पड़ गया तो अब वह छापेमारी कर रही है, कुछ लोगों को उसने पकड़वाया तथा तरह-तरह के तरीकों से दबाव बना रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम देख रहे हैं और मजे ले रहे हैं।’’

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि देश और दुनिया में टूलकिट तथा सोशल मीडिया के बारे में बहस चल रही है।

उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं के बीच कोविड-19 संकट तथा इससे पार्टी की छवि पर पड़े प्रभाव को लेकर हुई कथित बैठक के बारे में पूछे गए सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उक्त कथित बैठक में कोविड-19 संकट के कारण अगले साल होने जा रहे उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों पर संभावित असर की चर्चा हुई।

राउत ने कहा, ‘‘आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मैं बहुत सम्मान करता हूं। गंगा नदी के तटों पर बहकर आए हजारों शवों के बारे में मैं उनसे कड़ी टिप्पणी की उम्मीद रखता हूं। यह मुद्दा भी राम मंदिर मुद्दे जितना ही महत्वपूर्ण है।’’

महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए नामित किए जाने वाले 12 सदस्यों की सूची राज्यपाल कार्यालय के पास होने के सूत्रों द्वारा किए गए दावे के बारे में राउत ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि ‘‘फाइल किसी भूत ने नहीं चुराई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल जब उस सूची पर हस्ताक्षर कर देंगे तब मैं मिठाई बाटूंगा।’’

राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद के 12 सदस्यों के नामांकन में देरी को लेकर सत्तारूढ़ दल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना साध रहा है।

यह फाइल राज्यपाल के पास गत नवंबर में भेजी गई थी।

सोमवार को राउत ने कहा था कि ऐसी खबरें हैं कि राजभवन ने एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा भेजी गई 12 लोगों के नाम वाली फाइल उसके पास नहीं है।