नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) कोविड-19 संक्रमण के प्रतिदिन बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब बड़ी चुनावी रैलियां नहीं करने का फैसला किया है। इसकी जगह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य नेताओं की छोटी-छोटी रैलियां होंगी और उनमें 500 से अधिक लोगों की मौजूदगी नहीं होगी।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद भी बड़ी-बड़ी रैलियों के आयोजन के लिए पार्टी की चौतरफा आलोचना हो रही थी।

पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘कोरोना के इस कठिन दौर को देखते हुए संक्रमण की कड़ी को तोड़ना बहुत जरूरी है। इसके तहत भाजपा ने तत्काल प्रभाव से बड़ी रैलियों, जन-सभाओं एवं आयोजनों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।’’

पार्टी ने कहा कि चूंकि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं और इस संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पूर्ण होना भी बहुत जरूरी है।

भाजपा ने कहा, ‘‘इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने निर्णय लिया है कि प्रधानमंत्री सहित सभी केंद्रीय नेताओं की पश्चिम बंगाल में छोटी जन-सभाएं ही आयोजित होंगी, जिसमें 500 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति नहीं होगी।’’

पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि ये छोटी जन-सभाएं भी खुले स्थान में एवं सभी कोविड-19 दिशा-निर्देशों के अनुरूप होंगी।

पार्टी ने इस चुनावी राज्य में छह करोड़ मास्क और सैनिटाइजर वितरण का लक्ष्य भी रखा है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में अपनी सभी चुनावी रैलियां स्थगित कर दी थीं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी ऐसा करने का आग्रह किया था ताकि कोरोना संक्रमण को और अधिक फैलने से रोका जा सके।

तृणमूल कांग्रेस ने भी कहा है कि उसके नेता अब छोटी जनसभाएं करेंगे। पार्टी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में मतदान बाकी है, वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भाषण भी छोटा कर दिया जाएगा।