लंदन, 25 मई (भाषा) ब्रिटेन ने मंगलवार को गैर-जरूरी यात्राओं पर रोक लगाने और कोरोना वायरस के बी1.617.2 वैरियेंट (स्वरूप) से निपटने के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए जिन्हें लेकर सरकार पर ‘‘भ्रम और अनिश्चितता’’ के आरोप लग रहे हैं।

कोरोना वायरस के बी1.617.2 स्वरूप को सबसे पहले भारत में चिह्नित किया गया।

प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सरकार ने ना तो उनसे सलाह ली और ना ही उन्हें सूचित किया, बस सरकार की कोरोना वायरस पाबंदियों संबंधी वेबसाइट पर पिछले कुछ दिनों में दिशा-निर्देशों में बदलाव कर दिया गया। यह बदलाव आठ क्षेत्रों बेडफोर्ड काउंसिल, डरवेन काउंसिल सहित ब्लैकबर्न, बोल्टन मेट्रोपॉलिटन काउंसिल, बर्नली काउंसिल, किर्कलीस काउंसिल, लेसिस्टर काउंसिल, हुनस्लो काउंसिल और नॉर्थ टिनेसाइड काउंसिल के लिए किए गए हैं।

दिशा-निर्देश में इंग्लैंड के इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर के भीतर भी एकत्र होने से मना किया गया है, हालांकि देश के अन्य भागों में लॉकडाउन में ढील के तहत घर के भीतर लोगों के जमा होने पर कोई पाबंदी नहीं है।

वेबसाइट के अनुसार, ‘‘जिन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है.... जहां तक संभव हो सके बंद जगहों के बजाय खुली जगह में मिलें, जिन लोगों के साथ आप घर में नहीं रहते हैं, उनसे कम से कम दो मीटर की दूरी बनाकर रखें, साथ नहीं रहने वालों में वे सभी मित्र और परिजन भी आते हैं जो आपके मकान में साथ नहीं रहते, जरूरी नहीं होने पर प्रभावित क्षेत्र से बाहर आने-जाने से बचें, जैसे कि अगर आप घर से काम कर सकते हैं तो वहीं से करें, शिक्षा के लिए भी यही लागू है।’’

लेकिन, नये दिशा-निर्देशों को बिना प्रचार के घोषित किए जाने के कारण विवाद पैदा हो गया है।

लिबरल डेमोक्रेट सांसद और कोरोना वायरस पर सर्वदलीय संसदीय समूह की अध्यक्ष लायला मोरोन ने कहा, ‘‘यह बड़ा नीतिगत बदलाव है जिसका लोगों के जीवन पर महत्वपूर्ण असर होगा। बिना किसी घोषणा के सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर इसे अपडेट कर देना भ्रम और अनिश्चितता पैदा करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि महामारी के दौरान स्पष्ट संदेह देने का महत्वपूर्ण पाठ अभी भी नहीं सीखा है।’’

भाषा अर्पणा पवनेश

पवनेश