(अदिति खन्ना)

लंदन, 19 अप्रैल (भाषा) ब्रिटेन ने भारत को उन देशों की ''लाल सूची'' में डाल दिया है। इसके तहत गैर-ब्रितानी और आइरिश नागरिकों के भारत से ब्रिटेन जाने पर पाबंदी रहेगी। साथ ही विदेश से लौटे ब्रितानी लोगों के लिये होटल में 10 दिन तक पृथकवास में रहना अनिवार्य कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने 'हाउस ऑफ कॉमन्स' में इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के तथाकथित भारतीय स्वरूप से पीड़ित होने के 103 मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकतर मामले विदेश से लौटे यात्रियों से संबंधित हैं।

उन्होंने कहा कि उस स्वरूप का विश्लेषण किया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि नये स्वरूप के चिंताजनक परिणाम तो नहीं जैसे कि बड़े पैमाने पर इसका फैलना या इलाज और टीका तैयार करने में मुश्किल होना आदि।

मंत्री ने सांसदों को बताया, ''आंकड़ों के विश्लेषण के बाद ऐहतियात के तौर पर हमने भारत को लाल सूची में डालने का मुश्किल लेकिन जरूरी फैसला लिया। इसका अर्थ है कि अगर कोई गैर-ब्रितानी या आइरिश बीते दस तक भारत में रहा है तो उसे ब्रिटेन में प्रवेश नहीं दिया जा सकता।''

हैनकॉक ने कहा कि नए नियमों को हल्के में नहीं लिया जा रहा और शुक्रवार से इन्हें लागू कर दिया जाएगा।

इससे कुछ घंटे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेज वृद्धि के मद्देनजर अगले सप्ताह होने वाली प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की यात्रा रद्द करने की घोषणा की थी।

इससे पहले, जॉनसन से जब पूछा गया था कि क्या भारत को लाल सूची में डाला जाएगा तो उन्होंने कहा था कि इसपर निर्णय काफी हद तक ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी को लेना है।

भाषा

जोहेब माधव

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