(अदिति खन्ना)

लंदन, 28 अप्रैल (भाषा) ब्रिटेन ने पुष्टि की है कि महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की पहली खेप के बाद बुधवार और बृहस्पतिवार तक 400 और ऑक्सीजन सांद्रक भारत भेजे जाएंगे ताकि कोविड-19 महामारी की “भयावह” दूसरी लहर में भारी मांग को कुछ कम किया जा सके।

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संसद के अपने साप्ताहिक ‘प्राइम मिनिस्टर्स क्वेश्चन्स’ (पीएमक्यू) सत्र की शुरुआत भारत के साथ एकजुटता के संदेश के साथ की और कहा कि आगे की जरूरतों के बारे में भारत सरकार के साथ चर्चा चल रही है।

उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि ब्रिटेन भारत को सहायता की आपूर्ति करने वाला पहला देश है जहां से 200 वेंटिलेटर और 95 ऑक्सीजन सांद्रकों की खेप मंगलवार को नयी दिल्ली पहुंची और उसे भारतीय अस्पतालों में वितरित किया जा रहा है।

जॉनसन ने ब्रिटिश संसद के निचने सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में कहा, “सदन के सभी सदस्यों की भावनाएं भारत के साथ हैं।”

उन्होंने कहा, “हम महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपकरणों के साथ भारत की मदद कर रहे हैं और भारतीय अधिकारियों के साथ हम इस बात को लेकर काम करना जारी रखेंगे कि भविष्य में उन्हें किस चीज की जरूरत पड़ सकती है।”

विपक्षी लेबर पार्टी ने भी भारत में “मानवीय आपदा” के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हुए और मदद का आह्वान किया।

लेबर पार्टी की भारतीय मूल की सांसद और शैडो विदेश मंत्री लीसा नैंडी ने सदन में अत्यावश्यक सवाल रखते हुए कहा, “भारत को घेरने वाली घरेलू आपदा अब इतने बड़े पैमाने पर पहुंच गई है कि यह एक वैश्विक आपातकाल बन गई है। दुनियाभर में आए मामलों में से 40 प्रतिशत मामले भारत से हैं और 20 लाख से ज्यादा मामले अकेले बीते एक हफ्ते में आए हैं और इस आपदा का चरम आना अभी बाकी है।”

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश