ऋतुराज गायकवाड़ को इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी छाप छोड़ने में थोड़ा समय लगा. मगर वह चेन्नई सुपर किंग्स के अपने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को प्रभावित करने में सफल रहे, जिन्होंने इस युवा सलामी बल्लेबाज को ‘सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक’ करार दिया.

गायकवाड़ ने लगातार दूसरा अर्धशतक जमाया जिससे चेन्नई ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ छह विकेट से जीत दर्ज की. चेन्नई ने प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने के बाद कुछ नये खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला किया जिनमें गायकवाड़ भी शामिल था. गायकवाड़ को मैन आफ द मैच चुना गया.

धोनी ने मैच के बाद कहा, ‘‘ऋतुराज को हमने नेट्स पर बल्लेबाजी करते देखा था लेकिन इसके बाद वह कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया और 20 दिन बाहर हो गया. यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा लेकिन वह इस सत्र को याद रखेगा. वह सबसे प्रतिभावान खिलाड़ियों में से एक है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह हालांकि काफी कम बोलता है जिसके कारण कभी कभी टीम प्रबंधन को खिलाड़ी को परखने में दिक्कत होती है. जब उसने बल्लेबाजी शुरू की तो आप देख सकते हैं कि वह गेंद को उसी तरह हिट कर रहा था जैसे चाहता था और जो उसने योजना बनाई थी.’’

नाइट राइडर्स ने सलामी बल्लेबाज नितीश राणा की 61 गेंद में 10 चौकों और चार छक्कों की मदद से 87 रन की पारी से पांच विकेट पर 172 रन बनाए. सुपरकिंग्स की टीम ने इसके जवाब में ऋतुराज की 53 गेंद में 72 रन की पारी और अंबाती रायुडू (38) के साथ उनकी दूसरे विकेट की 68 रन की सझेदारी तथा बाद में रवींद्र जडेजा (11 गेंद में नाबाद 31) की तूफानी पारी से 20 ओवर में चार विकेट पर 178 रन बनाकर जीत दर्ज की.

धोनी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस मैच में योजनाएं हमारे पक्ष में रहीं. खुशी है कि टॉस का नतीजा हमारे पक्ष में रहा. जडेजा इस सत्र में शानदार बल्लेबाजी कर रहा है. वह हमारी टीम में एकमात्र बल्लेबाज है जो अंतिम ओवरों में रन बनाने की जिम्मेदारी उठा रहा है. मुझे लगता है कि पूरे सत्र के दौरान हमें किसी ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी तो उसका साथ दे.’’ नाइट राइडर्स के कप्तान इयोन मोर्गन ने स्वीकार किया कि गेंदबाजों ने सब कुछ झोंक दिया लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके.

मोर्गन ने मैच के बाद कहा, ‘‘टॉस हमारे पक्ष में नहीं रहा. हमारे गेंदबाजों ने अपना सब कुछ झोंक दिया लेकिन कौशल के मामले में कुछ चूक कर गए. हमें इस हार से उबरना होगा. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास एक विश्वस्तरीय स्पिनर है और दूसरा भारत के लिए खेलने की दहलीज पर है. ये शानदार स्पिनर हैं. मैं गेंदबाजों की गलती नहीं निकाल सकता. नागरकोटी को अंतिम ओवर में बचाव करने के लिए पर्याप्त रन नहीं मिले. अगर 16-17 रन होते तो बेहतर रहता.’’

मोर्गन ने कहा कि उन्हें लगा था कि उनकी टीम का स्कोर पर्याप्त होगा. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगा था कि रन पर्याप्त होंगे. हमें लगा कि हम मैच में बने हुए हैं. संभवत: इस विकेट पर 165 रन प्रतिस्पर्धी स्कोर था अगर विकेट और हालात समान रहते. मुझे लगता है कि हमने अच्छी बल्लेबाजी की.’’