स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के अनुसार भारत अभी तक कोरोना की दूसरी लहर से बाहर नहीं आ सका है. त्योहारों का सीजन नजदीक है ऐसे में दिवाली, ईद और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों पर भीड़ इकट्ठा करना काफी खतरनाक साबित हो सकता है. स्वास्थ्य मंत्रालय की समाचार ब्रीफिंग के दौरान नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. वीके पॉल ने कहा, "गणेश चतुर्थी, दिवाली और ईद आने वाले हैं.

इस साल भी, पिछले साल की तरह उन्हें कोरोना के नियमों को ध्यान में रखते हुए मनाने की आवश्यकता होगी और हम सभी लोगों से घर पर रहने की अपील करते हैं. इसके साथ ही किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मास्क जरूर पहनें".

यह भी पढ़ें: केरल में कोरोना के 32,803 नए मामले, देश में पिछले 24 घंटे में कुल 47,092 केस सामने आए

भारत में 16 प्रतिशत व्यस्क हो चुके हैं वैक्सीनेटेड

भारत में 16 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक मिल चुकी हैं, इसके साथ ही 54 प्रतिशत लोग ऐसे है जिनको टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है. हमें सामूहिक समारोह के आयोजन से बचना चाहिए अगर किसी सभा में शामिल होना जरूरी है तो उससे पहले टीकाकरण अनिवार्य होना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार लोगों को घर पर त्योहार मनाने चाहिए और टीकाकरण लगवाएं. भारत में सार्स-सीओवी-2 के डेल्टा प्लस स्वरूप के करीब 300 मामले अब तक सामने आ चुके हैं. जो चिंता का विषय बना हुआ है.

इसके साथ ही भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा, "हम अभी भी कोरोना की की दूसरी लहर से पूरे तरीके से नहीं उबर सके हैं और इसलिए देश में सभी से अपील करते हैं कि अपने-अपने स्थानों पर कोरोना के नियमों का पालन करते रहें.

यह भी पढ़ें: कोरोना का एक और खतरनाक वैरिएंट C.1.2 आया सामने, जाने इसके बारे में सब कुछ

भारत में बढ़ते केस बने चिंता का विषय

भारत में रोजाना आने वाले कोरोना के केस में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. गुरुवार को दो महीनों में कोरोना के मामलों में सबसे बड़ी एक दिन में वृद्धि देखी गई. केरल में कोरोना के केस कम होने का नाम ही नहीं ले रहे. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, "केरल में बढ़ते मामलों के साथ, कोरोना के एक राज्य से दूसरे राज्य में होने वाले प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए."

इसके साथ ही केरल के नजदीक जिलों में भी टीकाकरण की रफ्तार में तेजी आनी चाहिए. भारत में अब तक 66.2 करोड़ कोरोना टीके की खुराक दी जा चुकी है, माना जा रहा है कि दो-तिहाई से अधिक भारतीयों में पहले से ही कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी हैं. विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना से अब पहले जैसे हालात नहीं होंगे.

यह भी पढ़ें:  पद्म पुरस्कार के लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र को भेजे इन 3 डॉक्टर्स के नाम, देखें लिस्ट