नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) केंद्र ने सोमवार को राज्य सरकारों से कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये कुछ राज्यों में लगाये गये ‘लॉकडाउन’ और कर्फ्यू के दौरान खाद्य पदार्थों तथा दवा समेत जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार राज्यों से जरूरी सामान की उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

इसके अलावा, राज्यों से जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है जिससे जरूरी जिंसों की खरीदारी लोग घबराकर नहीं करे।

उपभोक्ता मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव निधि खरे द्वारा बुलायी गयी बैठक में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ इन मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक देश में जरूरी जिंसों की उपलब्धता और कीमत की स्थिति की समीक्षा के लिये बुलायी गयी थी।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें ताकि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति ‘लॉकडाउन’ और कर्फ्यू के दौरान बनी रहे।

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण आदि पर नियंत्रण करने और उसे राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को सौंपने का अधिकार देती है।

कालाबाजारी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के रखरखाव निवारण अधिनियम, 1980 की धारा 3 के तहत, समुदाय को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने में बाधा पहुंचाने से रोकने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को अधिकतम 6 महीने की अवधि के लिए हिरासत में लिया जा सकता है।

इसके अलावा, बैठक में यह भी चर्चा की गई कि खाद्य पदार्थों/ दवाओं, स्वच्छता से जुड़े उत्पादों और आवश्यक सेवाओं सहित जरूरी वस्तुओं की कीमत न बढ़े और वे उचित मूल्य पर उपलब्ध रहें।

मांग/ आपूर्ति असंतुलन की स्थिति से बचने के लिये प्रभावी निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों के लिए राज्य/ संघ शासित क्षेत्र और जिला स्तर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, माप-तौल विभाग, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस के संयुक्त दल बनाए जाएं।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर