चीन ने शुक्रवार को अमेरिका के साथ परमाणु हथियार को सीमित करने संबंधी वार्ता में शामिल होने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका प्रस्तावित वार्ताओं के प्रति ‘‘न तो गंभीर है और न ही ईमानदार’’ है, और इसके बजाय उसे परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करने वाली मौजूदा ‘‘न्यू स्टार्ट’’ संधि के विस्तार के लिए रूस की अपील का जवाब देना चाहिए.

झाओ ने एक दैनिक समाचार सम्मेलन में कहा, ‘‘तथाकथित त्रिपक्षीय हथियार नियंत्रण वार्ताओं को लेकर चीन की आपत्ति बहुत स्पष्ट है और अमेरिका इसे अच्छी तरह से जानता है। इसके बावजूद, अमेरिका इस मुद्दे पर लगातार जोर दे रहा है और यहां तक ​​कि चीन की स्थिति को भी विकृत रूप से पेश कर रहा है.’’ गौरतलब है कि अमेरिका और रूस के बाद दुनिया में सबसे अधिक परमाणु हथियार चीन के पास हैं.

चीन ने कहा है कि वह अमेरिका और रूस के साथ परमाणु हथियारों की संख्या को कम करने संबंधी वार्ता में शामिल नहीं होगा. अमेरिका ने न्यू स्टार्ट संधि के विस्तार या बदलने को लेकर दो सप्ताह पहले वियना में रूस के साथ हुई वार्ता में चीन की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया था.

उल्लेखनीय है कि यह संधि दुनिया की प्रमुख परमाणु शक्तियां अमेरिका और रूस के बीच हुई है.चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति को देखते हुये ट्रम्प प्रशासन चीन को भी हथियार नियंत्रण संबंधी इस संधि का हिस्सा बनान चाहता है.