केरल में ईसाई समुदाय ने शुक्रवार को पारंपरिक उल्लास के साथ क्रिसमस मनाया और इस दौरान कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की चिंताओं के बीच संबंधित दिशानिर्देशों का पालन किया गया. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर उम्र के लोगों को विशेष प्रार्थना सभाओं में भाग लेने के लिए गिरजाघरों में प्रवेश से पहले मास्क पहने हुए और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए देखा गया. गिरजाघरों और कैथेड्रल में सामाजिक दूरी के नियम का पालन किया गया.

आधी रात को गिरजाघरों में घंटियां बजने के साथ लोग प्रार्थना सभा के लिए जमा हुए, वहीं वरिष्ठ पादरियों ने क्रिसमस के संदेश दिए. हालांकि इस बार कोविड-19 संबंधी सतर्कता की वजह से राज्य में कई स्थानों पर क्रिसमस और सामूहिक गीतों (कैरल) को लेकर उत्साह थोड़ा कम रहा.

प्रदेश के वाणिज्यिक शहर कोच्चि में इस बार क्रिसमस का आयोजन अलग तरह से हुआ जहां इदापल्ली से साइकलों पर सवार होकर लोग नेदुम्बासेरी क्रिसमस मनाने पहुंचे.

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और विपक्ष के नेता रमेश चेन्नितला समेत अन्य लोगों ने केरल वासियों को क्रिसमस के मौके पर बधाई दी. खान ने अपने संदेश में कहा, ‘‘ईसा मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाला क्रिमसस का त्योहार पृथ्वी पर शांति का संदेश देता है.’’