बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से पहले प्रदेश के सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान किया है. नीतीश सरकार ने दलित वोटरों को लुभाने के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं. सरकार ने अमह फैसला लेते हुए निर्देश दिया है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) परिवार के किसी सदस्य की हत्या होने पर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के प्रावधान के लिए तत्काल नियम बनाएं.

सीएम ने सचिव को निर्देश दिया है कि, असमय मृत्यु से संबंधित मामलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर नौकरी देने के लिए नियम बनाने के भी निर्देश दिए.

वहीं, निर्देश में कहा गया है कि, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत लंबित मामलों को 20 सितंबर तक निपटाने के आदेश दिए.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, कुमार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव प्रेम कुमार मीणा को मामलों के त्वरित निपटान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संपर्क में रहने का भी निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम 1995 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.

इस दौरान, वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री रमेश ऋषिदेव, सांसदों विजय मांझी, पशुपति कुमार पारस, प्रिंस राज और आलोक कुमार सुमन के अलावा विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए.