उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सुपरटेक अवैध 40 मंजिला ट्विन टावर मामले में नोएडा में दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है. 

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लखनऊ में मामले की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का भी निर्देश दिया है.  

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोएडा सेक्टर 93 में सुपरटेक के एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग प्रोजेक्ट में बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्विन टावरों को गिराने का आदेश दिया था.

पीटीआई के अनुसार प्रवक्ता ने बताया कि योगी आदित्यनाथ ने ये कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन होना चाहिए. इस मामले में अनियमितता 2004 से ही चल रही थी. अब सरकारी स्तर पर एक विशेष जांच समिति गठित की जानी चाहिए और पूरी तहक़ीक़ात होनी चाहिए.

कोर्ट ने क्या कहा था

शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया था कि घर खरीदारों की पूरी राशि बुकिंग के समय से 12 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस की जाए और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन को ट्विन टावरों के निर्माण के कारण हुए उत्पीड़न के लिए 2 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाए.

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न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने मंगलवार को कहा कि 11 अप्रैल, 2014 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला, जिसने ट्विन टावरों को गिराने का निर्देश दिया था, किसी भी हस्तक्षेप के लायक नहीं है.

पीठ ने कहा कि 915 फ्लैटों और दुकानों वाले सुपरटेक के जुड़वां 40 मंजिला टावरों का निर्माण डेवलपर और नोएडा प्राधिकरण की मिलीभगत से किया गया था और इलाहाबाद उच्च न्यायालय इस मामले में सही था. पीठ ने कहा कि नोएडा और एक विशेषज्ञ एजेंसी की देखरेख में तीन महीने के भीतर ट्विन टावरों को गिराने का काम किया जाएगा और पूरी कवायद का खर्च सुपरटेक लिमिटेड को वहन करना होगा.

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मामला क्या है 

सुपरटेक ने एमराल्ड कोर्ट में दो एपेक्स और सेयाने नाम के 40 मंज़िल ऊंचे दो टॉवर बनाए थे जिनमें लगभग 1000 फ्लैट थे. लेकिन एमराल्ड कोर्ट के निवासियों ने कंपनी के इस कदम का विरोध किया और वे इसके खिलाफ इलाहाबाद हाइकोर्ट तक गए.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुपरटेक और एमराल्ड कोर्ट ओनर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य के बीच जारी विवाद में सुपरटेक के खिलाफ फैसला दिया था. 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए ट्विन टॉवरों को गिराने का आदेश दिया.

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