: योशिता सिंह :

न्यूयॉर्क, 25 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत “हमारे वक्त की बड़ी बहसों” को आकार देना जारी रखेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाय प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति और अन्य अधिकारियों तथा राजनयिकों से संवाद के बाद उन्होंने यह बात कही।

इस साल जनवरी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गैर स्थायी सदस्य के तौर पर भारत के शामिल होने के बाद जयशंकर की यह पहली अमेरिका यात्रा है जिसमें रविवार की शाम वह न्यूयॉर्क पहुंचे। वह संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मंगलवार को मुलाकात करेंगे।

तिरुमूर्ति, उपस्थायी प्रतिनिधि राजदूत के नागराज नायडू और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन से राजनयिकों से मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोमवार को ट्वीट किया, “राजदूत तिरुमूर्ति और न्यूयॉर्क में हमारी संयुक्त राष्ट्र की टीम के साथ रणनीति पर सार्थक सत्र हुआ। भरोसा है कि भारत हमारे समय की बड़ी बहसों को आकार देना जारी रखेगा।”

तिरुमूर्ति ने ट्वीट किया, “संयुक्त राष्ट्र में और 2021-22 के लिए सुरक्षा परिषद में हमारे प्रयासों को केंद्रित करने में मार्गदर्शन देने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर का आभार।”

न्यूयॉर्क से, जयशंकर वाशिंगटन जाएंगे जहां वह अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि ब्लिंकन और जयशंकर कोविड-19, क्वाड समूह के माध्यम से हिंद-प्रशांत सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे और संयुक्त राष्ट्र एवं बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाएंगे।

प्रवक्ता ने कहा, “ब्लिंकन विदेश मंत्री जयशंकर की यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात करने के और कोविड-19 राहत, क्वाड के माध्यम से हिंद-प्रशांत सहयोग मजबूत करने के प्रयास सहित कई मुद्दों और साझा क्षेत्रीय सुरक्षा एवं आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा करने के इच्छुक हैं।’’

अपने समकक्ष से मुलाकात करने के अलावा जयशंकर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन, बाइडन प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, प्रभावशाली सांसदों, थिंक टैकों, कॉर्पोरेट क्षेत्र के नेताओं और भारतीय अमेरिका समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।

जयशंकर-ब्लिंकन मुलाकात के दिन एवं समय की न तो अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने न ही भारत के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है।

पश्चिम एशिया में बाइडन प्रशासन की शांति प्रक्रिया के प्रयासों के तहत ब्लिंकन सोमवार को वहां की संक्षिप्त यात्रा पर रवाना हुए।

भाषा

नेहा मनीषा

मनीषा