अहमदाबाद, 26 मई (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि गुजरात सरकार के 9000 से अधिक मौतों के आंकड़ों के विपरीत राज्य में अब तक 27000 से अधिक लोगों की कोविड-19 के चलते जान चली गयी । उसने मांग की कि उन सभी के परिवारों को चार-चार लाख रूपये का मुआवजा दिया जाए।

राज्य सरकार ने इस माह के प्रारंभ में इस आरोप से इनकार किया था कि कोविड-19 से हुई मौतों की कम रिपोर्टिंग की गयी।

कांग्रेस ने गुजरात में पिछले एक साल में कोरोना वायरस एवं अन्य कारणों से दर्ज की गयी मौतों के सटीक आंकड़े पर ‘श्वेतपत्र’ की भी मांग की।

नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में अबतक 9701 लोगाों ने इस संक्रमण से जान गंवायी है।

प्रदेश काग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि इस महामारी के फैलने के बाद से कोविड-19 से हुई मौतों पर जानकारियां इकट्ठा करने के लिए पार्टी ने दो सप्ताह के लिए ऑनलाइन अभियान शुरू किया।

उन्होंने बताया कि 17300 से अधिक व्यक्तियों ने ‘गूगल फार्म’ के माध्यम से अपने रिश्तेदारों की मौत की सूचना दी और करीब 10,000 फार्म कांग्रेस कार्यालयों में आये हैं।

चावड़ा ने कहा, ‘‘ यह दर्शाता है कि गुजरात में अब तक 27,000 से अधिक व्यक्तियों की जान गयी है। करीब 22 फीसद की मौत घरों में हुई और 77 फीसद से अधिक की अस्पतालों में जान गयी। वे शायद ऑक्सीजन की कमी या वेंटीलेटरों की अनुपलब्धता की वजह से हुई। ’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ हम ये फार्म सत्यापन के लिए सरकार को सौंपेंगे। सरकार को अपना सर्वेक्षण कराना चाहिए। हम चाहते हैं कि सरकार सभी मृतकों के परिवारों को चार चार लाख रूपये का मुआवजा दे। आपदा प्रबंधन अधिनियम में इस संबंध में प्रावधान है।’’

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस आरोपों से इनकार किया था कि राज्य सरकार कोरोना वायरस से हुई मौतों पर कुछ छिपा रही है।

भाषा राजकुमार नरेश

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