कांग्रेस ने फेसबुक से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में मंगलवार को इस सोशल नेटवर्किंग कंपनी के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर आग्रह किया कि इस पूरे मामले की फेसबुक मुख्यालय की तरफ से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए. पार्टी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक फेसबुक की भारतीय शाखा के संचालन की जिम्मेदारी नयी टीम को सौपीं जाए ताकि तफ्तीश की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो.

पार्टी कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘फेसबुक इंडिया’ और भाजपा के बीच ‘सांठगांठ’ का दावा करते हुए जुकरबर्ग को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजा है.

गौरतलब है कि पूरा विवाद अमेरिकी अखबार ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ की ओर से शुक्रवार को प्रकाशित रिपोर्ट के बाद आरंभ हुआ. इस रिपोर्ट में फेसबुक के अनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि फेसबुक के वरिष्ठ भारतीय नीति अधिकारी ने कथित तौर पर सांप्रदायिक आरोपों वाली पोस्ट डालने के मामले में तेलंगाना के एक भाजपा विधायक पर स्थायी पाबंदी को रोकने संबंधी आंतरिक पत्र में हस्तक्षेप किया था.

उधर, फेसबुक ने सफाई देते हुए कहा कि उसके मंच पर ऐसे भाषणों और सामग्री पर अंकुश लगाया जाता है, जिनसे हिंसा फैलने की आशंका रहती है. इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि उसकी ये नीतियां वैश्विक स्तर पर लागू की जाती हैं और इसमें यह नहीं देखा जाता कि यह किस राजनीतिक दल से संबंधित मामला है.

फेसबुक ने इसके साथ ही यह स्वीकार किया है कि वह घृणा फैलाने वाली सभी सामग्रियों पर अंकुश लगाती है, लेकिन इस दिशा में और बहुत कुछ करने की जरूरत है.

फेसबुक के संस्थापक को वेणुगोपाल की ओर से लिखे गए पत्र को शेयर करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘पक्षपात, झूठी ख़बरों और नफ़रत-भरी बातों को हम कठिन संघर्ष से हासिल हुए लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे. ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ ने खुलासा किया है कि फेसबुक इस तरह के झूठ और नफ़रत फैलाने का काम करती आयी है और उस पर सभी भारतीयों को सवाल उठाना चाहिए.’’

वेणुगोपाल ने पत्र में ‘फेसबुक इंडिया’ से जुड़े इस मामले का हवाला दिया और ‘पक्षपात’ का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकरण से कांग्रेस को बहुत निराशा हुई है.

उन्होंने जुकरबर्ग को सुझाव दिया, ‘‘फेसबुक मुख्यालय की तरफ से उच्च स्तरीय जांच आरंभ की जाए और एक या दो महीने के भीतर इसे पूरा कर जांच रिपोर्ट कंपनी के बोर्ड को सौंपी जाए. इस रिपोर्ट को सार्वजनिक भी किया जाए.’’

वेणुगोपाल ने यह आग्रह भी किया कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सौंपे जाने तक फेसबुक की भारतीय शाखा के संचालन की जिम्मेदारी नयी टीम को सौपीं जाए ताकि जांच की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो.

उधर, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि फेसबुक से सवाल किया जाता है तो कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और भाजपा इस कंपनी के बचाव में उतर जाते हैं.

उन्होंने फेसबुक और भाजपा के बीच ‘सांठगांठ’ से जुड़े कुछ कथित प्रसंगों का हवाला दिया और कहा, ‘‘जब भी फेसबुक से प्रश्न पूछा जाता है या उन पर कोई हमला होता है, कोई सवाल पूछा जाता है, उनके बचाव में स्वयं रवि शंकर प्रसाद जी क्यों उतर आते हैं? रवि शंकर प्रसाद, भूल जाते हैं कि वह भारत सरकार के मंत्री हैं, संविधान की शपथ ली है, फेसबुक को बचाने के लिए उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया है.’’

इससे पहले, प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग समझते हैं कि फेसबुक पर उनका एकाधिकार होना चाहिए, भले ही उनका राजनितिक वजूद खत्म हो गया हो.

उन्होंने कहा कि अगर कोई मंच जनता का मंच है तो हर विचार के लोगों को वहां अपनी बात रखने का हक है.