कांग्रेस ने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य के बाद बुधवार को उन पर ‘जुमलाजीवी’ होने का आरोप लगाया और कहा कि निचले सदन में मोदी के संबोधन के बाद किसानों को कोई संतुष्टि नहीं मिली. प्रधानमंत्री के वक्तव्य के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने आज लोकसभा से बहिर्गमन किया.

सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसान आंदोलन में 200 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं. फिर भी प्रधानमंत्री कुछ कहने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने यह भी कह दिया कि हमारे कानून से किसी को लाभ हो सकता और किसी को हानि हो सकती है. हमने उनसे आग्रह किया कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाए, जैसा कि किसान चाहते हैं.’’

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उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब आप 18 महीने के लिए कानूनों का क्रियान्वयन स्थगित कर सकते हैं तो फिर इन कानूनों को वापस क्यों नहीं ले सकते हैं? आप कैसा देश बनाना चाहते हैं जहां किसानों के रास्ते में कीलें ठोकी जाती हैं?’’ चौधरी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के वक्तव्य से कोई संतुष्टि नहीं मिली, इसलिए पार्टी को मजबूरी में सदन से बहिर्गमन करना पड़ा.’’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘‘जुमलाजीवी ने किसान आंदोलन को पवित्र और आंदोलनकारियों को आंदोलनबाजों से अलग कहा. सवाल है कि सरकार अब तक किससे बात कर रही थी- आंदोलनकारियों से या आंदोलनबाजों से? मोदी के वार्ताकार किसे बेवकूफ बनाते रहे है, आंदोलनकारियों को या आन्दोलनबाजों को? इतना फर्जीवाडा कहां से लाते हैं साहेब?’’

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