नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने कोरोना रोधी टीकों के दाम को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भारत के लोगों को इन टीकों के लिए विश्व में सबसे अधिक दाम देना पड़ेगा।

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘जनता के पैसे से टीके विकसित किए गए। अब भारत सरकार की वजह से जनता को इन टीकों के लिए दुनिया में सबसे अधिक कीमत अदा करनी होगी’’

उन्होंने आरोप लगाया कि विफल ‘सिस्टम’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मित्रों’ के लिए देश के नागरिकों को निराश किया है।

कांग्रेस नेता ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘सेंटर विस्टा परियोजना जरूरी नहीं है। दूरदर्शिता वाली केंद्र सरकार का होना जरूरी है।’’

उधर, कोरोना वायरस रोधी टीका- कोविशील्ड बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने बुधवार को राज्यों को बेचे जाने वाले टीके की कीमत घटा दी। इससे राज्यों को अब टीके के लिये पहले घोषित 400 रुपये प्रति डोज (खुराक) की जगह 300 रुपये प्रति खुराक की दर से मूल्य चुकाने होंगे।

कंपनी ने 21 अप्रैल को निजी अस्पतालों के लिये 600 रुपये प्रति खुराक और राज्य सरकारों तथा केंद्र सरकार के नये अनुबंध के लिये 400 रुपये प्रति खुराक कीमत लिये जाने की घोषणा की थी।

सीरम की नयी घोषणा को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सवाल किया, ‘‘इस टीके के लिए केंद्र सरकार से कितने पैसे लिए जा रहे हैं।’’

एक अन्य टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटक अपने टीके ‘कोवैक्सीन’ को राज्यों को 600 रुवये और निजी अस्पतालों को 1200 प्रति खुराक देने का फैसला किया है।

दरअसल, कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार यह टीका 150 रुपये में खरीद रही है तो राज्यों को भी इसी कीमत पर मिलना चाहिए।