नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को सलाह दी कि वह रैपिड एंटीजन या आरटीपीसीआर जांच में एक बार संक्रमित मिलने वाले व्यक्ति की दोबारा आरटीपीसीआर जांच नहीं कराने संबंधी अपने हालिया परामर्श पर पुन: विचार करे।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने आईसीएमआर के वकील से कहा कि वह इस संबंध में आवश्यक निर्देश प्राप्त करें। न्यायमूर्ति पल्ली ने कहा कि ‘‘संभवत: आपको परामर्श पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है।’’

गौरतलब है कि अदालत ने एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। वकील ने अपनी याचिका में कहा है कि वह और उनके परिजन के पहली बार 28 अप्रैल को संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी और उसके बाद 17 दिनों से ज्यादा समय तक पृथक-वास में रहने के बावजूद उनकी दोबारा जांच नहीं हो पा रही है।

वकील ने अदालत को बताया कि कोविड नेगेटिव रिपोर्ट के बगैर उनके घर के बाहर मौजूद सिविल डिफेंस गार्ड रोजमर्रा की चीजें लेने के लिए भी उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं, और जब उन्होंने पैथलैब से जांच कराने की कोशिश की तो उन्होंने आईसीएमआर के 4 मई के परामर्श का हवाला देते हुए इंकार कर दिया।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि आज रात से स्थिति सामान्य होने की संभावना है, क्योंकि पाबंदियों में कुछ छूट दी जाने वाली है।

दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि याचिका दायर करने वाले व्यक्ति का निवास स्थान सुल्तानपुरी है जो निषिद्ध क्षेत्र में है और इसी कारण लोगों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

भाषा अर्पणा अनूप

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